कई राज्यों में गर्मी का स्तर चरम पर पहुंच गया है।मई का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ और देश के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। अब उत्तर भारत के मैदानी राज्यों को ही देख लीजिए। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान से लेकर मध्य भारत तक तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर पहुंच रहा है। ऐसे स्थिति में स्कूलों में पढ़ाई जारी रखना काफी बड़ी चुनौती है। इस स्थिति में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता और बढ़ जाती है। इसी वजह से कई राज्य सरकारों ने स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने, क्लास टाइमिंग बदलने और दोपहर की पढ़ाई रोकने जैसे फैसले लिए हैं। आइए जानते हैं राज्यवार स्कूलों की टाइमिंग और छुट्टियों को लेकर आ रहे अपडेट्स के बारे में…
आईएमडी की चेतावनी
गौरतलब है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने चेतावनी दी है कि मई के मध्य से जून तक हीटवेव और ज्यादा खतरनाक हो सकती है। इसी अलर्ट के बाद अलग-अलग राज्यों के शिक्षा विभाग हरकत में आ गए हैं।
कई राज्यों में बदला स्कूल का टाइम
भीषण गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए कई शहरों और राज्यों में स्कूलों का समय सुबह कर दिया गया है। महाराष्ट्र, झारखंड, नोएडा और गाजियाबाद जैसे इलाकों में अब स्कूल सिर्फ सुबह के ठंडे घंटों में चलाए जा रहे हैं ताकि बच्चों को तेज धूप का सामना न करना पड़े। राजस्थान और एनसीआर के कई हिस्सों में भी दोपहर की क्लास बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोपहर की लू बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
दिल्ली से यूपी तक गर्मी की छुट्टियों का ऐलान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्कूल 11 मई से 30 जून तक बंद रहेंगे। वहीं उत्तर प्रदेश में 20 मई से 15 जून तक छुट्टियों का ऐलान किया गया है। राजस्थान में 17 मई से 20 जून तक गर्मी की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। बिहार के स्कूल 1 जून से 20 जून तक बंद रहेंगे। पंजाब में 25 मई से स्कूल बंद होंगे और 1 जुलाई से दोबारा खुलेंगे। वहीं हरियाणा सरकार ने भी 25 मई से 30 जून तक सभी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं।
हरियाणा सरकार ने शिक्षकों के लिए भी लिया बड़ा फैसला
हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा विभाग के बीच हुई बैठक में सिर्फ छुट्टियों का फैसला ही नहीं हुआ, बल्कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी नया नियम बनाया गया। अब क्लास के दौरान शिक्षकों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार का कहना है कि इससे पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा और बच्चों का ध्यान भटकने से बचेगा।
दक्षिण और पूर्वी राज्यों में पहले ही बंद हो चुके हैं स्कूल
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 24 अप्रैल से ही गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। यहां स्कूल 11 जून से दोबारा खुलने की संभावना है। ओडिशा में भीषण गर्मी के कारण 27 अप्रैल से स्कूल बंद कर दिए गए थे। वहीं छत्तीसगढ़ में इस बार लंबी छुट्टियां दी गई हैं और स्कूल 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे। पश्चिम बंगाल के सरकारी सहायता प्राप्त और प्रायोजित स्कूलों में भी इस समय छुट्टियां चल रही हैं। वहां 1 जून से पढ़ाई दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
लगातार बढ़ रही हीटवेव की घटनाएं
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में हीटवेव की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। शहरों में कंक्रीट और प्रदूषण की वजह से तापमान और ज्यादा महसूस हो रहा है, ऐसे इलाके हीटआइलैंड बने हुए हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ता है। इसी वजह से सरकारें अब सिर्फ छुट्टियां घोषित करने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि स्कूलों की टाइमिंग, पानी की व्यवस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे कदमों पर भी जोर दे रही हैं।

