दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीजी (PG) प्रवेश प्रक्रिया का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय ने सीट अपग्रेडेशन, मिड-एंट्री, करेक्शन विंडो, तीसरे राउंड की सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया और CW, स्पोर्ट्स, वार्ड कोटा व परफॉर्मेंस बेस्ड प्रोग्राम्स से जुड़ी अहम तिथियों की घोषणा की है। जिन अभ्यर्थियों ने अब तक आवेदन नहीं किया है या आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे, उन्हें 2 जुलाई सुबह 10 बजे से 4 जुलाई शाम 4:59 बजे तक दोबारा मौका मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया
विश्वविद्यालय की दाखिला शाखा के अनुसार मिड-एंट्री के माध्यम से आवेदन करने के लिए 1000 रुपये का गैर-वापसी योग्य शुल्क देना होगा। इसी अवधि में पहले से पंजीकृत अभ्यर्थी कुछ निर्धारित विवरणों में संशोधन भी कर सकेंगे। हालांकि, श्रेणी परिवर्तन की सुविधा केवल एक बार उपलब्ध है। जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही श्रेणी बदल ली है, वे करेक्शन विंडो में दोबारा श्रेणी नहीं बदल सकेंगे।
सीट आवंटन परिणाम
विश्वविद्यालय ने बताया कि तीसरे चरण की सीट आवंटन सूची तथा प्रदर्शन आधारित पाठ्यक्रमों (एमएफए, एमए संगीत, बी.पी.एड. और एम.पी.एड.) के पहले चरण का परिणाम 6 जुलाई को जारी होगा। वहीं सीडब्ल्यू, खेल और वार्ड कोटा की सीटों का आवंटन 7 जुलाई को घोषित किया जाएगा।
तीसरे चरण में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों को 6 से 9 जुलाई शाम 4:59 बजे तक सीट स्वीकार करनी होगी। कॉलेज और विभाग 10 जुलाई तक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे, जबकि प्रवेश शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 11 जुलाई शाम 4:59 बजे निर्धारित की गई है।
महत्वपूर्ण सुझाव
डीयू ने सुझाव दिया है कि यदि आप किसी कारणवश अब तक पीजी प्रवेश के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं, तो 2 से 4 जुलाई के बीच मिड-एंट्री का अवसर न चूकें। आवेदन से पहले पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच अवश्य कर लें।
30 जून से 1 जुलाई तक अपग्रेड का विकल्प
दिल्ली विश्वविद्यालय ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने स्नातकोत्तर दाखिला के लिए पहले या दूसरे चरण में सीट स्वीकार कर प्रवेश शुल्क जमा कर दिया है और वर्तमान में उनके पास सीट है, वे 30 जून सुबह 10 बजे से 1 जुलाई शाम 4:59 बजे तक अपग्रेड का विकल्प चुन सकते हैं। यह सुविधा उन अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध नहीं होगी जिन्हें उनकी पहली पसंद का पाठ्यक्रम या कॉलेज पहले ही मिल चुका है अथवा जिन्होंने फ्रीज विकल्प चुन लिया है। अपग्रेड चुनने वाले अभ्यर्थियों को अगले चरण में उपलब्धता के आधार पर उच्च वरीयता वाली सीट आवंटित की जा सकती है।
।

