उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अलग-अलग रंग दिख रहा है। पर्वतीय जिलों में जहां हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज झोंकेदार हवाओं का दौर है, वहीं मैदानी इलाकों में चटक धूप खिलने के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी के आसार हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार 15 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन इलाकों में बर्फबारी
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं 4500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। दूसरी ओर मैदानी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।
मैदानों में बढ़ेगा तापमान, गर्मी करेगी परेशान
उत्तराखंड में पर्वतीय जिलों में जहां बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं, वहीं मैदानी इलाकों में चटक धूप खिलने के साथ ही पारा चढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मैदानी क्षेत्रों के तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जताया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। इसका असर खासकर देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है, जहां दोपहर के समय गर्मी लोगों को परेशान करेगी।
इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
16 और 17 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश, गरज के साथ बौछारें और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इसके बाद 18 से 20 मई तक पूरे प्रदेश में मौसम सामान्य और शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि तापमान में बढ़ोतरी जारी रह सकती है।
मौसम विभाग की लोगों को सलाह
मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को कटाई की गई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। वहीं पशुपालकों को खराब मौसम के दौरान जानवरों को खुले में न बांधने को कहा गया है।

