नगर क्षेत्र में केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल की वजह से मरीजों को दवाओं के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा। उन्हें सरकारी अस्पताल के जन औषधि केंद्र में दवा मिल गई। अस्पताल के बाहर ही आपात स्थिति को लेकर खुल स्टोर ने भी मरीजों को राहत दी। राजकीय शोक में अस्पताल बंद होने के बावजूद इमरजेंसी में सामान्य मरीजों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उन्हें आवश्यक दवाओं का वितरण भी इमरजेंसी के स्टॉक से चिकित्सकों ने किया। इमरजेंसी में परामर्श व दवा के लिए खासी-जुकाम, बुखार और बदन दर्द आदि मर्ज से पीड़ित मरीज कतार में खड़े भी दिखे। वहीं, एम्स में भी संचालित फार्मेसियों में भी दवा मिलने से संस्थान में इलाज के लिए पहुंचे मरीज व तीमारदारों को भटकना नहीं पड़ा.
दावा: 20 लाख का दवा कारोबार प्रभावित
मेडिकल स्टोर संचालकों की हड़ताल से बुधवार को करीब 20 लाख रुपये का दवा कारोबार प्रभावित हुआ। केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप मल्होत्रा ने यह दावा करते हुए बताया कि नगर क्षेत्र के स्टोर से प्रतिदिन इतना कारोबार होता है। ई-फार्मेसी के संचालन संचालकों के व्यापार में लगातार गिरावट आ रही है। वहीं, उन्होंने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण के तहत मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए चार स्टोर को खोला भी गया था।

