पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के जाने और भाजपा सरकार के बनने के बाद से कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। प्रतीत हो रहा है कि बंगाल में टीएमसी नेताओं के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। जहां एक ओर शुभेंदु सरकार एक के बाद एक कई बड़े ऐक्शन ले रही है तो वहीं, टीएमसी नेताओं पर भी कार्रवाई हो रही है। उधर, बुधवार को आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी टीएमसी की लोकसभा सांसद केएमसी की चेयरपर्सन माला रॉय ने कोलकाता की अदालत में सरेंडर कर दिया। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई।
माला रॉय के साथ उनके बेटे निर्बन रॉय ने भी अलीपुर अदालत के सामने सरेंडर कर दिया। दरअसल, यह मामला पश्चिम बंगाल के टॉलीगंज में चुनाव के बाद हुई हिंसा और भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर धमाकाने के आरोपों से संबंधित है। पुलिस ने सांसद माला रॉय, उनके बेटे और 24 अन्य के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
कोर्ट ने दोनों के सरेंडर करने के बाद एक हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी। उल्लेखनीय है कि बंगाल में इस बार पहली बार भाजपा की सरकार बनी है। 15 साल के शासन के बाद ममता सरकार की हार हुई। बंगाल में भाजपा ने 208, जबकि टीएमसी ने 80 सीटें जीतीं। परिणामों के बाद राज्य में कई शहरों में हिंसा देखने को मिली थी, जहां पर टीएसमी और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) की गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसी कानूनी दवाब के चलते सांसद को अदालत में खुद सरेंडर करना पड़ा। बता दें कि माला रॉय TMC की वरिष्ठ नेता हैं। वह कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। इसके अलावा, वह कोलकाता नगर निगम (KMC) की चेयरपर्सन के रूप में भी एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद संभाल रही हैं। इस मामले में उनके साथ सरेंडर करने वाले उनके बेटे अनिर्बाण रॉय के अलावा, उनके पति निर्बेद रॉय भी पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक जाना-माना नाम रहे हैं, जो पूर्व विधायक रह चुके हैं।

