कांग्रेस नेता राहुल गांधी का दो दिवसीय उत्तराखंड महज कुछ घंटों में जरूर सिमट गया, लेकिन उन्होंने दिल्ली जाते-जाते आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की राजनीतिक लाइन और लेंथ काफी कुछ तय कर दी है। इसमें प्रमुख रूप से बाहरी दखल, बेरोजगारी और अंकिता भंडारी को इंसाफ शामिल है। आइए समझते हैं।
अल्मोड़ा और पौड़ी में मोबाइल और वर्चुअल माध्यम से जनता और पूर्व सैनिकों से जुड़े राहुल ने साफ संकेत दिया कि भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था,अग्निपथ योजना की सेना में केवल चार साल की अस्थायी नौकरी, वन रैंक वन पेंशन, दिव्यांगता पेंशन और राज्य के संसाधनों पर बाहरी लोगों के बढ़ते प्रभाव कांग्रेस का मुख्य चुनावी हथियार रहने वाले हैं। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड भी कांग्रेस का भाजपा के खिलाफ अहम मुद्दा होगा। अचानक बिगड़े मौसम की वजह से राहुल आज अल्मोड़ा और पौड़ी की जनसभा और पूर्व सैनिक संवाद कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाए। लेकिन, ऑनलाइन माध्यम से वो दोनों ही जगह लोगों से जुड़े और खुलकर अपने मन की बात साझा की।
बेरोजगार युवा
राज्य में बेरोजगारी हमेशा मुद्दा रहा है। सेना में भर्ती राज्य में रोजगार का बड़ा स्रोत है। राहुल ने अग्निपथ योजना में अस्थायी चार साल की नौकरी का मुद्दा उठाते हुए राज्य के युवा की नब्ज को छूने की कोशिश की। युवाओं को भविष्य का आश्वासन देते हुए कहा कि सत्ता में आने पर वो इस अग्निपथ योजना को बंद कर देंगे।
अंकिता भंडारी को इंसाफ
चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस शुरू से मुखर है। इस हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका लेकर कांग्रेस अब भी भाजपा पर हमलावर है। उत्तराखंड के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी की ओर से आज अंकिता के माता-पिता से फोन पर बात करने से साफ हो गया है कि कांग्रेस इस मुद्दे को कानून व्वयस्था से जोड़ते हुए और बड़े रूप में उठाने जा रही है।
बाहरी दखल गंभीर
राज्य के संसाधनों पर बाहरी लोगों के बढ़ते दखल को राहुल ने उत्तराखंड के लिए गंभीर मुद्दा माना है। अल्मोड़ा रैली में उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य को राज्य की सरकार नहीं चला रही है। बल्कि दिल्ली की सरकार इसे अपने हिसाब से चला रही है। इसी प्रकार बाहर के लोग राज्य की अपार संपदा का फायदा ले रहे हैं। जबकि उस पर राज्य के लोगों का ही पूरा हक है।
पेंशन विवाद
राज्य के 1.73 लाख से ज्यादा पूर्व सैनिकों के मुद़दों को उठाते हुए राहुल ने कांग्रेस की एक और प्राथमिकता को तय किया है। उत्तराखंड के बहादुर सैनिकों के योगदान की प्रशंसा की। रैली के दौरान राहुल ने कहा कि राज्य के सैनिकों ने हर स्थिति में देश की बेहतरी के लिए अपना योगदान दिया है। भले ही उनको कितनी परेशानियों का सामना इसके लिए करना पड़ा हो।

