जौलीग्रांट एयरपोर्ट से ऋषिकेश मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए वन क्षेत्र में 2700 से अधिक पेड़ों का कटान शुरू हो गया है, जिसे पर्यावरण के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। इससे न केवल उत्तराखंड की हरियाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कटान स्थल का निरीक्षण कर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसके जंगल और प्राकृतिक धरोहर हैं, लेकिन भाजपा सरकार विकास के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई कर पर्यावरणीय संतुलन बिगाड़ रही है।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर वर्षों में विकसित हुए वन क्षेत्र को कुछ ही दिनों में नष्ट किया जा रहा है। यह केवल पेड़ों का नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, जल और जीवन के अधिकार का भी कटान है। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण के विकल्पों और पर्यावरणीय प्रभावों के आकलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वृक्ष कटान अपरिहार्य था, तो उसकी भरपाई के लिए ठोस और समयबद्ध योजना पहले से लागू होनी चाहिए थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता नहीं दी, तो कांग्रेस जनमानस और पर्यावरण प्रेमियों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उत्तराखंड की हरियाली और प्राकृतिक विरासत को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं दिया जाएगा।

