यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को ऋषिकेश की विभिन्न बैंक शाखाओं में हड़ताल रही। जिसके चलते बैंक में रकम जमा करने और निकासी के लिए पहुंचे ग्राहकों को शाखाओं पर ताला लटका देख मायूसी हाथ ली। वहीं, बैंक कर्मचारी लंबित मांगों के निस्तारण नहीं होने से आक्रोशित भी नजर आए। बैंकों की हड़ताल से सबसे ज्यादा नगर क्षेत्र के व्यापारी प्रभावित हुए। उन्हें रकम जमा नहीं होने पर ज्यादा परेशानियां पेश आई। इसकी एक मुख्य वजह शुक्रवार को हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को भी बैंकों का अवकाश भी रहा। वहीं, हड़ताल से क्षेत्र में करोड़ों रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
हड़ताल की जानकारी से अनजान ग्राहक शाखाओं के बाहर पहुंचे, जिसके बाद उन्हें शाखाओं में ताला लटका दिखा, तो हड़ताल का पता चला। मायूस होकर वह वापस लौटने को मजबूर हुए। उधर, बैंक कर्मियों ने लगातार पांच दिन काम और अन्य मांगें उठाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर गुस्सा जाहिर किया। यूनियंस के देहरादून संयोजक इंद्र सिंह रावत ने बताया कि मुख्य रूप से सप्ताह में पांच दिन कामकाज, समान पीएलआई आदि मांग शामिल रही। जनवरी में भी इन मांगों को लेकर हड़ताल की गई थी, जिसमें सरकार ने जल्द कार्यवाही का भरोसा दिया। लेकिन कुछ नहीं किया गया, जिसके चलते बैंक कर्मचारियों को मजबूरन हड़ताल का रूख करना पड़ा है। बावजूद, सरकार नहीं मानती है, तो 28 से लेकर 30 सितंबर को फिर से बैंक कर्मी हड़ताल पर जाने को विवश होंगे। चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होती है तो 26 अक्तूबर से बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

