एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर कांग्रेस ने आक्रोश जताया है। इसके विरोध में उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। बुधवार को नरेन्द्रनगर,ढालवाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराकर पुतला फूंका। पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है। भाजपा ने सबसे पहले चुनाव आयुक्त के निर्वाचन की प्रक्रिया को बाधित किया, जिसमें मुख्य न्यायाधीश को हटाकर केंद्रीय मंत्री को जगह दी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश और दुनिया के सामने कई बार वोट चोरी के मुद्दे को मुखरता से उठाया, जिसको दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. संधू और डॉ. विवेक जोशी ने प्रमाणित किया कि पिछले 10 महीने में वह 14 बार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर चुनावो एवं एसआईआर के दौरान मतदाता जोड़ने वाले फॉर्म-6 में गड़बड़ियां के खिलाफ बात रखी।
लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक बार भी नहीं सुना। चुनाव आयुक्त को हर हफ्ते कम से कम दो बार मीटिंग करनी होती है, लेकिन पिछले 4 महीना में एक बार भी बैठक ना होना यह दर्शाता है कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट बनकर भाजपा को जिताकर जनादेश का अपमान कर रहे थे। कहा कि ज्ञानेश कुमार द्वारा जनादेश का अपमान देशद्रोह है। इसलिए ज्ञानेश कुमार को शीघ्र इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र कंडारी ने राष्ट्रपति से निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े उठाए जा रहे सवालों पर गंभीरता से संज्ञान लेने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में जिला अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल, नगर अध्यक्ष सूरत सिंह आर्य, नगर अध्यक्ष ढालवाला मुनिकीरेती अनिल रावत, दिनेश सकलानी, जबर सिंह नेगी, राजेंद्र सिंह राणा, हरिश्चंद्र रमोला, अजेंद्र रमोला, मोहन सिंह रमोला, विक्रम कैंतुरा, सुनील आर्य, दीप सिंह, भाग सिंह रावत, दयाल सिंह रावत, सुनीता गुसाईं, आभा पंवार, रवि नेगी, जयपाल नेगी, मनवीर नेगी, अरविंद रावत, पूरन पुंडीर आदि उपस्थित रहे।