तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान काले बादलों से घिर गया। इसके बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। बारिश के चलते आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। वहीं, बारिश से अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस गिरने के साथ ठंड बढ़ गई। तीर्थनगरी ऋषिकेश में गुरुवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। दिनभर बारिश और सर्द हवाओं के चलने से ठिठुरन बढ़ गई। अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि बीते एक सप्ताह से अधिकतम तापमान 30 डिग्री चल रहा था। तड़के से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में रिमझिम बारिश शुरू हो गई थी।
दोपहर में झमाझम बारिश ने सड़कों को पानी से लबालब कर दिया। नगर क्षेत्र में मुख्य मार्ग से लेकर आंतरिक मार्ग जलमग्न होने से पैदल लोगों को आवागमन में दुश्वारियां पेश आईं। सुबह जरूरी कामकाज के लिए बिना छाते निकले लोग भी अचानक बारिश में भीगते हुए नजर आए। दोपहर करीब 12 से लेकर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे एक बार नगर क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त नजर आया। इन दिनों शहर में सीवर लाइन खोदाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में सड़क में कीचड़ होने से लोगों को खासी दिक्कत आ रही है।
ठंड बढ़ने से गर्म कपड़ों की मांग
बक्सों से बाहर निकले स्वेटर-जैकेट
अक्तूबर के महीने में ही दिसंबर जैसी ठंड का अहसास होते ही लोगों की जीवनशैली बदल गई है। घरों में बंद बक्सों और अलमारियों से गर्म कपड़े, स्वेटर, जैकेट और शॉल आनन-फानन में बाहर निकाल लिए गए हैं। मौसम के इस बदले मिजाज का सीधा असर स्थानीय बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। ऋषिकेश के मुख्य बाजार, त्रिवेणी घाट रोड और रेलवे रोड स्थित कपड़ा दुकानों पर ऊनी कपड़ों की मांग में अचानक उछाल आया है। दुकानदार भी ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए गर्म कपड़ों का नया स्टॉक डिस्प्ले करने में जुट गए हैं। कपड़ा व्यापारी हर्षित गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को गर्म कपड़ों की खूब बिक्री हुई।
बारिश से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
यात्रियों और स्थानीय लोगों की बढ़ी मुश्किलें
बारिश के कारण क्षेत्र की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। मुनिकीरेती, ढालवाला और ऋषिकेश के निचले इलाकों में जलभराव के कारण राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही ऋषिकेश से होकर चारधाम जाने वाले तीर्थयात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप व्यवस्थापक डा प्रजापति नौटियाल ने बताया कि बारिश से यात्रियों की संख्या कम हो गई है। गुरुवार को मात्रा दो सौ यात्रियों ने ही पंजीकरण करवाया। जबकि बीते दिनों एक से डेढ़ हजार यात्रियों का पंजीकरण हो रहा था।
