एक भी कैंडिडेट न जोड़ा गया न हटाया गया; SSC CGL Tier 1 रिजल्ट पर बड़ा स्पष्टीकरण; कट ऑफ में . . .

SSC CGL Tier 1 परीक्षा देने वाले लाखों अभ्यर्थियों के बीच उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब कई उम्मीदवारों ने दावा किया कि कट ऑफ से ज्यादा अंक लाने के बावजूद उनके नाम रिजल्ट लिस्ट में नहीं हैं। सोशल मीडिया से लेकर शिकायत पोर्टल तक सवालों की बाढ़ आ गई। अब इस पूरे विवाद पर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने चुप्पी तोड़ते हुए आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसने कई भ्रम दूर कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा यानी SSC CGL Tier 1 का रिजल्ट जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वे निर्धारित कट ऑफ से अधिक अंक लाने के बावजूद क्वालिफाइड घोषित नहीं किए गए। खास तौर पर Tier 2 के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची को लेकर सवाल उठाए गए।

SSC ने क्या कहा?

SSC ने अपने आधिकारिक नोटिस में साफ किया है कि रिजल्ट तैयार करने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई, बल्कि रिजल्ट नोटिस में दी गई कट ऑफ टेबल में अनजाने में एक त्रुटि रह गई थी। आयोग के मुताबिक, CGLE 2025 (Tier I) के रिजल्ट के साथ जारी List I, List II और List III पूरी तरह सही हैं। लेकिन पैरा 5 के अंतर्गत दी गई List III की कट ऑफ और उम्मीदवारों की संख्या वाली टेबल में गलती रह गई, जिसकी वजह से भ्रम पैदा हुआ।

सबसे अहम बात कि किसी का नाम नहीं बदला

SSC ने यह भी स्पष्ट किया है कि List III में न तो किसी नए उम्मीदवार को जोड़ा गया है न ही किसी उम्मीदवार का नाम हटाया गया है। यानि जिन अभ्यर्थियों को Tier 2 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनकी सूची पहले जैसी ही है। केवल कट ऑफ से जुड़ी जानकारी को संशोधित किया गया है।

29 उम्मीदवारों को क्यों रखा गया बाहर?

SSC ने बताया कि CGL Tier 1 के कट ऑफ में 29 ‘withheld’ उम्मीदवारों को शामिल नहीं किया गया है। इन उम्मीदवारों का मामला अलग कारणों से लंबित है, इसलिए कट ऑफ तय करते वक्त उन्हें गणना में नहीं लिया गया।

अक्टूबर 14 वाले उम्मीदवारों को लेकर अपडेट

एक और अहम जानकारी देते हुए आयोग ने कहा कि 14 अक्टूबर को परीक्षा देने वाले प्रभावित उम्मीदवारों को उनके मूल बैच के साथ क्लब कर दिया गया है और उनके अंकों का नॉर्मलाइजेशन किया गया है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।

अभ्यर्थियों के लिए क्या है संदेश?

SSC के इस स्पष्टीकरण के बाद साफ है कि रिजल्ट प्रक्रिया में कोई हेरफेर नहीं हुई, मेरिट लिस्ट पूरी तरह वैध है। भ्रम सिर्फ कट ऑफ टेबल की गलती से फैला। हालांकि, कई उम्मीदवार अभी भी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेटेड कट ऑफ और नोटिस को ध्यान से देखने की सलाह दे रहे हैं।

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