क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेले के दूसरे दिन रविवार को ओपन और विद्यालयों की एकल समूह गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जिसमें छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक विनोद बिजल्वाण, रमेश उनियाल, विवेक नौटियाल, लोक गायिका अनीशा रांगड़ और शिवानी नेगी की प्रस्तुतियों ने समां बांधा। देर रात तक बड़ी संख्या में दर्शक गढ़वाली गीतों पर नाचते रहे। क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेला का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान ने शुभारंभ किया। लोकगायक विनोद बिजल्वाण के गीत दैणा हो या खोली का गणेशा, घंटाकर्ण स्तुति, विवेक नौटियाल के गीत रम्म झम्मा, द्यो लगी, रूप कू मंत्र, रमेश उनियाल, अनीशा रांगड के गीत छल कपट, सपना स्याली, शिवानी नेगी के गीत माया लगोलू, बिरजु सुनार, तुम्हारी खुद मां की प्रस्तुतियों ने कार्यंक्रम में समां बांधा।
इस दौरान समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण, सभासद विनोद खंडूड़ी, ब्रिजेश गिरी, लक्ष्मण भंडारी, गजेंद्र सजवाण, स्वाति पोखरियाल, विनोद सकलानी, क्रेजी फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष डिमरी, राफ्टिंग एसोसिएसन के अध्यक्ष धर्मेंद्र नेगी, अशोक क्रेजी, सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन के सचिव भगवती प्रसाद उनियाल, वरिष्ठ सचिव गोपालदत्त खंडूरी, जबर सिंह पंवार, खुशहाल सिंह राणा, सतेन्द्र रावत, गोरा सिंह पोखरियाल, गुरू प्रसाद बिजल्वाण, हृदय राम सेमवाल, देवेन्द्र दत्त जोशी, ओम प्रसाद थपलियाल, राजेंद्र सिंह भंडारी, कन्हैया लाल सेमवाल, केसर सिंह पंवार, जयपाल सिंह नेगी, शंकर दत्त पैन्यूली, पूर्णानंद बहुगुणा, विशालमणी डबराल, हेमन्ती मंदवाण, कुसुम बिजल्वाण, महालक्ष्मी बिजल्वाण, उमा ड्योंडी, प्रेम सिंह चौहान, दर्मियान सिंह जेठुड़ी, सूरत सिंह रावत, शंकर नौटियाल, उल्लास बहुगुणा, अतुल उनियाल, तुषार जगूड़ी, राजन बिष्ट, किरन चौहान, आरती चौहान, दीपा भट्ट, सीमा बिजल्वाण, देवस्पति बिजल्वाण, रामकृष्ण पोख्रियाल, सफाई निरीक्षक कमल चौहान आदि उपस्थित थे।
