यमकेश्वर ब्लॉक स्थित मणिकूट पर्वत की तलहटी में दिउली के नजदीक 15 फरवरी को मां त्रिपुर सुंदरी धाम में महाशिवरात्रि पर्व पर त्रयोदश ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा होगी। 13 फरवरी से इसके लिए आयोजन स्थल पर अनुष्ठान भी किया जाएगा। यह जानकारी शनिवार को खैरीखुर्द स्थित शिव शक्ति कैलास आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता जगद्गुरू स्वामी हरिओम महाराज ने दी। उन्होंने बताया कि मणिकूट पर्वत में शिव शक्ति का वास है। त्रयोदश ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व 13 फरवरी से स्थापना अनुष्ठान भी किया जाएगा, जो कि महाशिवरात्रि पर्व को प्राण प्रतिष्ठा के रूप में संपन्न होगा। कहा कि मणिकूट पर्वत में सबसे शुद्ध और सिद्ध शक्ति वास करती है।
इस पर्वत का वर्णन शिव पुराण समेत वेदों भी है। आध्यात्मि दृष्टि से देखें, तो यह विश्व का एकमात्र स्थान है, जोकि शिव और शक्ति के संगम की आलौकिक ऊर्जा का प्रतीक है। साधु, संत और साधक यहां साधना करके एक अलग प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। यह शिव-शक्ति का एकमात्र पर्वत है, जिसकी परिक्रमा की जाती है। उन्होंने बताया कि त्रयोदश ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही श्रद्धालुओं को यहां दर्शन से 12 ज्योतिर्लिंगों जैसे फल प्राप्त होगा। बताया कि वह धर्म कार्यों के लिए लगातार जुटे हुए हैं। इसी क्रम में उन्होंने मां मोक्षदायिनी गंगाधाम ट्रस्ट ऋषिकेश की भी स्थापना की है।
