UPSC IPS की 53 सीटें घटीं, इस बार सिर्फ 147 पदों पर होगी भर्ती; बंगाल में सबसे ज्यादा रिक्तियां

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार IAS, IPS और अन्य केंद्रीय सेवाओं में जगह बनाने के लिए इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में जब भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की सीटों में बड़ी कमी की खबर सामने आई है। गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी ताजा रिक्ति विवरण के अनुसार, सिविल सेवा परीक्षा 2024 के जरिए इस बार केवल 147 उम्मीदवारों को IPS में जगह मिलेगी।

पिछले साल के मुकाबले 53 पद कम

इस बार घोषित 147 रिक्तियां पिछले आवंटन चक्र की तुलना में काफी कम हैं। पिछले वर्ष IPS के लिए 200 पद उपलब्ध थे। यानी एक साल के भीतर 53 पद घट गए हैं। यह कमी सीधे तौर पर उन उम्मीदवारों को प्रभावित कर सकती है जो विशेष रूप से IPS सेवा में जाना चाहते हैं। गौरतलब है कि सीटों की संख्या कम होने से बेहतर रैंक हासिल करने का दबाव बढ़ेगा और IPS पाने के लिए उम्मीदवारों को पहले से अधिक अच्छा प्रदर्शन करना पड़ सकता है।

25 कैडरों में होगी नियुक्ति

गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के मुताबिक ये 147 पद देशभर के 25 अलग-अलग IPS कैडरों में भरे जाएंगे। हालांकि यह सूची अंतिम कैडर आवंटन नहीं है, लेकिन इससे उम्मीदवारों को यह समझने में मदद मिलती है कि इस वर्ष विभिन्न कैडरों में कितने अवसर उपलब्ध हैं। कैडरवार वितरण भविष्य के आवंटन की दिशा का संकेत देता है और अभ्यर्थी अपनी संभावनाओं का आकलन भी कर सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा रिक्तियां

कैडरवार आंकड़ों में पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर है। यहां कुल 15 रिक्तियां उपलब्ध हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 14 और उत्तर प्रदेश में 12 पद अधिसूचित किए गए हैं। असम-मेघालय और मध्य प्रदेश में 11-11 रिक्तियां हैं, जबकि महाराष्ट्र में 10 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन राज्यों में अवसर अपेक्षाकृत अधिक दिखाई दे रहे हैं।

दो राज्यों को नहीं मिला कोई पद

जहां कुछ राज्यों में रिक्तियां अधिक हैं, वहीं कुछ कैडरों के लिए इस बार एक भी पद नहीं रखा गया है। छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश को इस आवंटन चक्र में शून्य रिक्तियां मिली हैं। यह स्थिति उन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो विशेष रूप से इन कैडरों को प्राथमिकता देते रहे हैं।

पहले हुई देरी की भी रही चर्चा

इस वर्ष सेवा आवंटन और कैडर आवंटन की प्रक्रिया में हुई देरी को लेकर भी अभ्यर्थियों और सिविल सेवा समुदाय के बीच काफी चर्चा रही थी। कई उम्मीदवारों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे अनिश्चितता का माहौल बना रहा। ऐसे समय में गृह मंत्रालय की ओर से जारी यह रिक्ति सूची उम्मीदवारों को एक स्पष्ट तस्वीर देने का काम करती है कि इस वर्ष IPS में प्रवेश के अवसर कितने हैं और विभिन्न कैडरों में कितनी सीटें उपलब्ध रहेंगी।

अभ्यर्थियों के लिए क्या हैं संकेत

रिक्तियों की संख्या कम होने का सीधा असर प्रतिस्पर्धा पर पड़ता है। आमतौर पर जब सीटें घटती हैं तो बेहतर रैंक हासिल करने की जरूरत बढ़ जाती है। खासतौर पर वे उम्मीदवार जो कट-ऑफ के आसपास रहते हैं, उनके लिए चुनौती और बढ़ सकती है। हालांकि यह सूची अंतिम कैडर आवंटन तय नहीं करती, लेकिन यह जरूर बताती है कि आखिरकार कितने अधिकारी IPS में शामिल होंगे। केवल 147 पद उपलब्ध होने से यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस साल IPS पाने के लिए पिछले बैचों की तुलना में अधिक मजबूत प्रदर्शन और बेहतर रैंक की जरूरत पड़ सकती है।

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