गैरसैंण में आज सदन के साथ सड़क पर भी संग्राम, कांग्रेस ही नहीं इन दलों ने भी भरी हुंकार

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में दो दिवसीय विधानसभा सत्र मंगलवार से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। मंगलवार सुबह 11 बजे सत्र की कार्यवाही की शुरुआत होगी। दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धाजंलि देने के बाद सरकार अनुपूरक बजट रखेगी।

अनुपूरक बजट का आकार 7000 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है। मालूम हो कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए मार्च में बजट सत्र में 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट पारित हुआ था। 28 अक्तूबर की सदन की कार्यवाही को मंगलवार को गैरसैंण में ही कार्यमंत्रणा समिति द्वारा तय किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गैरसैंण पहुंच गए हैं।

कांग्रेस हमलवार

कांग्रेस अंकिता भंडारी प्रकरण, गैरसैंण को राजधानी घोषित करने, हाईवे के चौड़ीकरण, सीएचसी गैरसैंण के उच्चीकरण के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और भरसार कृषि विश्वविद्यालय, धारापानी में स्टाफ की तैनाती एवं कक्षाएं संचालित करने सहित कई अन्य समस्याओं को लेकर विधानसभा का घेराव करेगी। यह जानकारी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट ने दी।

यूकेडी समेत अन्य दलों की मांग

उत्तराखंड क्रांति दल भी मंगलवार को गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, जल, जंगल, जमीन बचाने तथा जंगली जानवरों से सुरक्षा सहित अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव करेगा। यह जानकारी यूकेडी युवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आशीष नेगी ने दी।

प्रधान संगठन उत्तराखंड भी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करेगा। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नेगी ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न भागों से आए प्रधान पहले गैरसैंण मैदान में एकत्र होंगे और फिर जुलूस निकालकर विधानसभा कूच करेंगे।

गैरसैंण में गूंजेगी सिमली बेस अस्पताल की मांग

सिमली बेस अस्पताल का शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर 27 अक्टूबर को बेस अस्पताल संघर्ष समिति विधानसभा कूच करेगी। समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नेगी ने बताया कि अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सत्र के दौरान रूट डायवर्ट

विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से सिमली एवं चौखुटिया से रूट डायवर्ट किया जाएगा। गढ़वाल और कुमाऊं आने-जाने वाले लोगों के लिए ग्वालदम होकर मार्ग खुला रहेगा। विधानसभा सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर लगभग 1400 जवान तैनात रहेंगे। पीएचसी मेहलचौंरी, भरसार धारापानी और पीएचसी मालसी को अस्थायी जेल बनाया गया है। साथ ही प्रदर्शकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए कर्णप्रयाग से भराड़ीसैंड तक करीब पांच जगह पुख्ता बैरीकेडिंग लगाई गई हैं।

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