पंचक समाप्त होते ही नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। नीलकंठ पैदल मार्ग और मोटर मार्ग हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। सुबह से शाम तक मंदिर में करीब पांच लाख शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। नीलकंठ धाम में अब तक करीब 32,16,498 शिवभक्त जलाभिषेक कर चुके हैं।
शनिवार को ऋषिकेश, मुनि की रेती, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला के गंगा घाट और तट भगवामय बन गए। मुख्य बाजार और आंतरिक गलियों में भी शिवभक्तों की भीड़ रही। जानकीसेतु और रामझूला पुल कांवड़ियों की भीड़ से पैक हो गया। जानकीसेतु पर भीड़ अधिक होने के कारण थाना मुनि की रेती पुलिस और थाना लक्ष्मणझूला पुलिस की ओर से व्यवस्थाएं टूट गई।
जानकीसेतु पर तीनों जगह कांवड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई। जानकीसेतु पर बिना पास के स्थानीय लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई। जानकीसेतु से दोपहिया वाहनों से आवाजाही करने वाले शिवभक्तों के वाहनों को पूर्णानंद बस पार्किंग और खेल मैदान में खड़ा किया गया।
वाहनों को पार्किंग में खड़े करने के बाद शिवभक्त भी जानकीसेतु से पैदल नीलकंठ मंदिर की ओर रवाना हुए। मंदिर परिसर और गर्भगृह में शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। पुलिस कंट्रोल रूम के मुताबिक शनिवार को नीलकंठ मंदिर में करीब पांच लाख शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। भीड़ अधिक होने के कारण कई स्थानीय लोग अपने घरों में ही कैद रहे। शहर की गलियों में केवल रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी करने वाले लोगों की ही आवाजाही रही।
