देहरादून। उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय हस्तशिल्प को समर्पित “द्रोणा महोत्सव 2026” की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। 13 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक सहस्त्रधारा / आई.टी. पार्क रोड, इरिगेशन ऑफिस पेट्रोल पंप के सामने, निकट आशा राम बापू आश्रम, देहरादून में आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय महोत्सव को लेकर आयोजन स्थल पर स्टॉल निर्माण, मंच सज्जा, लाइटिंग एवं अन्य व्यवस्थाओं का कार्य तेजी से चल रहा है।
भारतीय ग्रामोथान संस्था द्वारा आयोजित इस महोत्सव में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार अपने हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री करेंगे। हैंडलूम, जूट उत्पाद, बांस एवं फाइबर सामग्री, आयुष एवं हर्बल उत्पाद, पारंपरिक आभूषण और गृह सज्जा की आकर्षक वस्तुएं महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेंगी। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां भी प्रतिदिन आयोजित की जाएंगी, जिससे आगंतुकों को संस्कृति और मनोरंजन का संगम देखने को मिलेगा।
आयोजन समिति के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को एक सशक्त बाजार उपलब्ध कराना तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूत करना है। तैयारियों का जायजा लेते हुए आयोजकों ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के लिए टीम लगातार कार्य कर रही है, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजकों ने देहरादून एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से 13 से 22 फरवरी के बीच अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव स्थल पर पहुंचने, स्थानीय शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करने और इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है।




