द्रोणा महोत्सव को लेकर भारतीय ग्रामोथान संस्था की प्रेस वार्ता, स्थानीय कारीगरों को सशक्त मंच देने पर जोर

द्रोणा महोत्सव 2026 के सफल आयोजन को लेकर आज भारतीय ग्रामोथान संस्था द्वारा देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित उत्तराखंड प्रेस क्लब में एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में संस्था के पदाधिकारियों ने मीडिया को महोत्सव की तैयारियों, उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा इसे उत्तराखंड के कारीगरों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर बताया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेले के इंचार्ज श्री अनिल चन्दोला ने सभी प्रायोजकों एवं सहयोगी संस्थाओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “हम सभी स्पॉन्सर्स और सहयोगी संस्थाओं के सहयोग के लिए दिल से धन्यवाद करते हैं। उनके समर्थन से ही द्रोणा महोत्सव जैसे बड़े आयोजन को सफल बनाया जा सकता है। इस मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को एक सशक्त बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और अपनी पारंपरिक कला व उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिला सकें।”

प्रेस वार्ता के दौरान मेले के इवेंट ऑर्गनाइजर श्री अतुल चन्दोला भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि द्रोणा महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” अभियान को सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने देहरादून एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे 13 से 22 फरवरी तक अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचे, स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें और अपने प्रदेश के कारीगरों का उत्साहवर्धन करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब स्थानीय उत्पादों को समर्थन मिलेगा, तभी प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पारंपरिक उद्योगों को नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर मेले की मार्केटिंग प्रभारी श्रीमती अर्चना फूल भी मौजूद रहीं। उन्होंने बताया कि महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बन सकें। उन्होंने कहा कि द्रोणा महोत्सव में हस्तशिल्प, हैंडलूम, जूट, बांस एवं फाइबर उत्पादों के साथ-साथ आयुष और हर्बल उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो आम जनता के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।

संस्था की ओर से बताया गया कि यह महोत्सव 13 फरवरी से 22 फरवरी तक सहस्त्रधारा / आई.टी. पार्क रोड, देहरादून में आयोजित किया जाएगा, जहां प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध परंपरा को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के अंत में आयोजकों ने एक स्वर में आम जनता से अपील की कि वे द्रोणा महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करें तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त बनाएं।

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