रेडियो ऋषिकेश ने मनाई तीसरी वर्षगांठ, सामुदायिक सहभागिता और संवाद का अनोखा उत्सव

भारतीय ग्रामोथान संस्था के प्रांगण में 07 अप्रैल को रेडियो ऋषिकेश की तीसरी वर्षगांठ बड़े ही उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था से जुड़े सदस्यों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और श्रोताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में रेडियो ऋषिकेश की तीन वर्षों की सफल यात्रा को याद करते हुए सामुदायिक जुड़ाव और जनसंचार के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन से हुई, जिसके बाद मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका मुनि की रेती की अध्यक्षा श्रीमती नीलम बिजल्वाण को आमंत्रित किया गया। इस दौरान भारतीय ग्रामोथान संस्था की अध्यक्षा श्रीमती गीता चंदोला भी मंच पर उपस्थित रहीं। संस्था के जनसंपर्क अधिकारी एन.पी. कुकशाल की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमा प्रदान की।

रेडियो ऋषिकेश की टीम द्वारा एक विशेष वीडियो प्रस्तुत किया गया, जिसमें पिछले तीन वर्षों की यात्रा को विस्तार से दर्शाया गया। इस वीडियो में दिखाया गया कि कैसे रेडियो ऋषिकेश ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, युवाओं और बुजुर्गों जैसे विभिन्न सामाजिक विषयों को अपने कार्यक्रमों के माध्यम से छुआ है। साथ ही यह भी बताया गया कि रेडियो कैसे मनोरंजन और जानकारी दोनों को एक साथ श्रोताओं तक पहुंचाने का माध्यम बना हुआ है।

कार्यक्रम में रेडियो की स्टेशन हेड रक्षा उपाध्याय ने सभी उपस्थित लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि रेडियो आज भी सूचना का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि रेडियो ऋषिकेश ने बीते तीन वर्षों में समाज के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है और यह एक ऐसा मंच बन चुका है, जहां कोई भी व्यक्ति अपनी बात खुलकर रख सकता है। उन्होंने रेडियो से जुड़े सभी सहयोगियों, श्रोताओं और समुदाय के लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वहीं रेडियो ऋषिकेश की आरजे सोनिका ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि रेडियो एकमात्र ऐसा माध्यम है, जो न केवल मनोरंजन प्रदान करता है बल्कि हमारी मातृभाषा को भी जीवित रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपनी मातृभाषा का अधिक से अधिक प्रयोग करें और उसे आगे बढ़ाएं।

कार्यक्रम के दौरान रेडियो के टेक्निकल हेड अंकित रावत ने कहा कि एक कम्युनिटी रेडियो की असली ताकत उसकी कम्युनिटी होती है। उन्होंने बताया कि रेडियो ऋषिकेश हमेशा से “कम्युनिटी के लिए और कम्युनिटी के साथ” काम करता आया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जितना अधिक समुदाय का जुड़ाव होगा, उतना ही रेडियो का प्रभाव और सफलता बढ़ेगी।

कार्यक्रम को और भी रोचक बनाने के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन खेलों ने माहौल को खुशनुमा और जीवंत बना दिया, जहां हर किसी के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्नैक्स वितरित किए गए और आपसी बातचीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

 

रेडियो ऋषिकेश की यह वर्षगांठ न केवल उसकी उपलब्धियों का जश्न थी, बल्कि यह समुदाय के साथ उसके मजबूत संबंधों और भविष्य की संभावनाओं का भी प्रतीक रही। तीन वर्षों की इस यात्रा में रेडियो ने जिस तरह समाज के हर वर्ग को जोड़ा है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। आने वाले समय में भी रेडियो ऋषिकेश इसी तरह समाज की आवाज बनकर कार्य करता रहेगा।

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