बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते केदारनाथ यात्रा शुक्रवार दोपहर एक बजे रोक दी गई। मौसम को देखते हुए शनिवार सुबह यात्रा को लेकर अगला फैसला होगा। इस बीच बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न पड़ावों पर सुरक्षित रोके गए हैं। अलग-अलग स्थान पर पांच हजार से अधिक यात्रियों के होने का अनुमान है। शुक्रवार सुबह से ही उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में मौसम खराब बना रहा और लगातार बारिश होती रही। इसके चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया। इसी दौरान एक स्थान पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना में एक घोड़ा-खच्चर संचालक की मौत हो गई, जिससे मार्ग की स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है, जबकि लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
वहीं, सोनप्रयाग कोतवाली प्रभारी नीलभ खाली ने बताया कि मौसम में सुधार और मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न देकर आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
