NEET के बाद चुनी इंजीनियरिंग, ऋतुपर्णा को Rolls-Royce में मिली 72.3 लाख की नौकरी

हर साल देश में लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर नीट (NEET) की परीक्षा देते हैं। इनमें से कई छात्र ऐसे होते हैं जो सरकारी सीट न मिलने पर पूरी तरह टूट जाते हैं और मान लेते हैं कि उनका करियर खत्म हो गया। लेकिन कर्नाटक की रहने वाली 20 वर्षीय ऋतुपर्णा के.एस. की कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा है जो किसी एक असफलता से निराश हो चुके हैं। ऋतुपर्णा का बचपन का सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन जब नीट में मनमुताबिक रैंक नहीं आई, तो उन्होंने रोबोटिक्स और ऑटोमेशन इंजीनियरिंग की राह चुनी। आज वे दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित कंपनी रॉल्स-रॉयस (Rolls-Royce) में रोबोटिक्स सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर 72.3 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर काम कर रही हैं।

शुरुआती 6 महीने रोते हुए बीते, फिर कॉलेज से इंटरनेशनल लेवल पर चमकीं

ऋतुपर्णा के पिता सुरेश के.एन. और मां गीता सुरेश चाहते थे कि उनकी बेटी डॉक्टर बने। नीट परीक्षा के परिणाम के बाद जब सरकारी एमबीबीएस (MBBS) सीट नहीं मिली, तो ऋतुपर्णा बेहद निराश हुईं। पिता की सलाह पर उन्होंने मैंगलोर के ‘सह्याद्रि कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट’ में दाखिला ले लिया। उनकी मां ने बताया कि कॉलेज के शुरुआती छह महीनों में वह रोज रोती थी क्योंकि उसका मन इंजीनियरिंग में नहीं लग रहा था। लेकिन धीरे-धीरे उसने हिम्मत जुटाई और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना शुरू किया। ऋतुपर्णा ने स्थानीय किसानों की मदद के लिए एक खास ‘सुपारी तोड़ने और कीटनाशक छिड़कने वाला रोबोट’ बनाया, जिसने गोवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय आईनेक्स (INEX) प्रतियोगिता में चीन और रूस जैसी टीमों को पछाड़कर गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता।

रिजेक्शन को चैलेंज में बदला, 1 महीने का काम 1 हफ्ते में किया

ऋतुपर्णा हमेशा से किसी बड़ी कंपनी के साथ काम करना चाहती थीं। जब उन्होंने इंटर्नशिप के लिए रॉल्स-रॉयस से संपर्क किया, तो कंपनी ने उनकी प्रोफाइल और कॉलेज देखकर सीधे तौर पर सवाल उठाया कि ‘क्या आप इसके लिए योग्य हैं? आप हमारा एक काम भी एक महीने में पूरा नहीं कर पाएंगी।’ इस कड़े रिजेक्शन से पीछे हटने के बजाय ऋतुपर्णा ने एक मौका मांगा। कंपनी ने उन्हें एक महीने की डेडलाइन का एक टास्क दिया, जिसे ऋतुपर्णा ने महज एक हफ्ते में पूरा कर दिया। उनकी इस काबिलियत को देखकर रॉल्स-रॉयस के अधिकारी दंग रह गए।

आधी रात की शिफ्ट और 72.3 लाख का बंपर ऑफर

दिसंबर 2024 में शानदार प्रदर्शन के बाद कंपनी ने उन्हें पहले 39.6 लाख रुपये का प्री-प्लेसमेंट ऑफर दिया था, जिसे अप्रैल में उनके बेहतरीन योगदान को देखते हुए बढ़ाकर 72.3 लाख रुपये सालाना कर दिया गया। पिछले कई महीनों से वह एक बेहद कठिन दिनचर्या का पालन कर रही हैं। वह रात के 12 बजे से सुबह 6 बजे तक रॉल्स-रॉयस के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) करती हैं और फिर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करती हैं। अपना सातवां सेमेस्टर पूरा करने के बाद ऋतुपर्णा टेक्सास, अमेरिका (Texas, USA) में रॉल्स-रॉयस के जेट इंजन मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन में फुल-टाइम शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ऋतुपर्णा की यह कहानी छात्रों को सिखाती है कि जीवन में कोई भी एक परीक्षा आपका भविष्य तय नहीं कर सकती; मेहनत और सही दिशा से तकदीर को बदला जा सकता है।

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