फ्रांस की टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जगह नहीं बना सकी। सेमीफाइनल में स्पेन ने 2-0 से हराकर उनका सफर समाप्त कर दिया है। हालांकि, फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे अभी भी गोल्डन बूट की रेस में बरकरार हैं। लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल खेलने का सपना भले ही किलियन एम्बाप्पे का टूट गया हो, लेकिन चार साल पहले गोल्डन बूट जीतने वाले एम्बाप्पे इस बार भी इस अवॉर्ड की रेस में हैं। उन्हें अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी से टक्कर मिल रही है, जो टूर्नामेंट के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर बने हुए हैं।
विश्व कप सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ 0-2 की हार के दौरान एम्बाप्पे अपनी टीम के लिए ज्यादा मौके नहीं बना सके। उनके और मेसी के नाम अब तक आठ-आठ गोल दर्ज हैं। मेसी अभी दो मुकाबले और खेल सकते हैं, जबकि एम्बाप्पे के पास सिर्फ एक मैच है, जो कि तीसरे पायदान के लिए होना है। लियोनेल मेसी और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना बुधवार को दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। इस मुकाबले को जीतने वाली टीम फाइनल में स्पेन के खिलाफ खेलेगी।
फ्रांस अब तीसरे पायदान के लिए भिड़ेगी
फ्रांस अब शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में तीसरे स्थान के मुकाबले में दूसरे सेमीफाइनल में हारने वाली टीम से भिड़ेगा। स्पेन के खिलाफ मुकाबले के पहले हाफ में एम्बाप्पे ने सभी फॉरवर्ड खिलाड़ियों में सबसे कम केवल 15 बार गेंद को छुआ। उनका सबसे उल्लेखनीय क्षण वह रहा, जब उन्होंने रेफरी इवान बार्टन को यह समझाने की कोशिश की कि स्पेन को मिली पेनल्टी को नहीं दिया जाना चाहिए था। स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल ने इसे गोल में बदल कर टीम का खाता खोला।
एम्बाप्पे के पास मैच में सबसे अच्छा मौका 67वें मिनट में आया, जब उनका शॉट स्पेन के डिफेंडर मार्क कुकुरेला से टकराकर थोड़ा बाहर चला गया। हालांकि, उस समय तक फ्रांस दो गोल से पिछड़ चुका था। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी को 86वें मिनट में पीला कार्ड दिखाया गया। वह स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन की ओर तेजी से बढ़े, जब सिमोन झुककर गेंद उठाने की कोशिश कर रहे थे। दोनों के बीच टक्कर हुई, जिसके बाद सिमोन मैदान पर गिर गए।
एम्बाप्पे ने स्पेन के खिलाफ मुकाबले में शुरुआती एकादश में वापसी की थी। इससे पहले मोरक्को के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में वह 77वें मिनट में मैदान से बाहर चले गए थे। उस मुकाबले में उन्होंने टूर्नामेंट का अपना आठवां गोल किया था। एम्बाप्पे ने चार साल पहले कतर विश्व कप में भी आठ गोल किए थे, जहां फाइनल में फ्रांस को मेस्सी और अर्जेंटीना के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा था। इससे आठ साल पहले रूस में हुए विश्व कप में फ्रांस ने क्रोएशिया को हराकर चैंपियन बना था।

