कांवड़ यात्रा आज से: कौन सी सड़क-हाईवे बंद, कहां रूट डायवर्ट; ट्रैफिक एडवाइजरी

आज से कांवड़ यात्रा का आगाज हो गया है। अपनी मन्नतों के साथ अलग-अलग राज्यों से शिवभक्त गंगा जल लेने हरिद्वार आते हैं और अपने स्थानों पर लौटकर शिव को जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान समेत अन्य राज्यों से आने वाले कांवड़ वाहनों, रोडवेज और प्राइवेड बसों, चारधाम यात्रा वाहनों, पैदल कांवड़ियों तथा भारी वाहनों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा की बात करें तो 6000 से अधिक पुलिस और जवान तैनात रहेंगे।

हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सहारनपुर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहन मंडावर, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर और एसएम तिराहा होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में पहुंचेंगे। यदि यातायात का दबाव बढ़ता है तो दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले कांवड़ वाहनों को रामपुर तिराहा, कोलकी टोल प्लाजा, बड़कलां, मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर और एसएम तिराहा होकर बैरागी कैंप पार्किंग भेजा जाएगा। यमुनानगर और सहारनपुर से आने वाले कांवड़ वाहन भी मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर और एसएम तिराहा होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में पहुंचेंगे। यहां से वाहनों की निकासी श्मशान घाट पुल, श्रीयंत्र पुल, बुढ्ढी माता तिराहा, देश रक्षक और सिंहद्वार होते हुए एनएच-334 से होगी।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ वाहनों के लिए प्रतिबंध

मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को चिड़ियापुर, गैंडीखाता और 4.2 डायवर्जन से गौरीशंकर तथा नीलधारा पार्किंग में भेंजा जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले कांवड़ वाहन नेपाली तिराहा, सप्तऋषि तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर से चमगादड़ टापू व लालजीवाला पार्किंग पहुंचेंगे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे कांवड़ वाहनों के लिए प्रतिबंधित रहेगा। देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाले कांवड़िए हरकी पैड़ी, भीमगोड़ा, खड़खड़ी, सूखी नदी बैरियर और दूधाधारी तिराहे से राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के रास्ते जाएंगे।

पैदल कांवड़ियों के लिए मार्ग

दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा की ओर जाने वाले पैदल कांवड़ियों को हरकी पैड़ी से रोडीबेलवाला रैंप, केशव आश्रम तिराहा, ओम पुल, रेगुलेटर पुल, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, आर्यनगर चौक, लाल पुल, पुल जटवाड़ा और बहादराबाद नहर पटरी से भेजा जाएगा। मुरादाबाद और नजीबाबाद की ओर जाने वाले श्रद्धालु हरकी पैड़ी, सीसीआर चौक, दीनदयाल पार्किंग अंडरपास, आनंद वन समाधि पार्किंग, चंडी चौक, 4.2 तिरछा पुल और नहर पटरी होते हुए आगे बढ़ेंगे।

दिल्ली हाईवे पर भारी वाहन बंद

कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली-दून हाईवे (एनएच-58) और गंगनहर पटरी पर भारी वाहनों का आवागमन 12 अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेगा। भारी वाहनों का आवागमन 12 अगस्त तक बंद रहेगा। 4 अगस्त तक हल्के व माध्यम वाहन एनएच-58 पर बाईं लेन में चलेते रहेंगे, चार अगस्त की रात से हाईवे पर सभी प्रकार के वाहनों को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। वाहन चालक वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग कर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।

यह है डायवर्जन प्लान

12 अगस्त तक कांवड़ यात्रा नहर पटरी और एनएच-58 पर भारी वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। मुजफ्फरनगर से मीरापुर से होते हुए गंगा बैराज, बिजनौर मार्ग पर भारी वाहन बंद रहेंगे। हल्के एवं मध्यम वाहन एनएच-58 की बायीं लेन पर चलेंगे। एनएच-58 की दायीं लेन हरद्विार से आने वाले कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी। 4 अगस्त की रात 12 बजे से एनएच-58 पर सभी प्रकार के वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर हरद्विार की तरफ से आने एवं जाने वाले सभी वाहन देवबंद-रामपुर तिराहा जानसठ रोड से रामराज-मवाना से मेरठ पहुंचेंगे।

रोडवेज और प्राइवेट बसों के लिए अलग व्यवस्था

देहरादून और ऋषिकेश से आने-जाने वाली रोडवेज बसें नेपाली तिराहा, रायवाला और दूधाधारी तिराहा होते हुए मोतीचूर पार्किंग में खड़ी होंगी। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाली रोडवेज बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, मंडावर और अब्दुल कलाम चौक से ऋषिकुल मैदान पार्किंग भेजा जाएगा। नजीबाबाद रूट की बसों को लाडपुर, 4.2 तिरछा पुल से नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग में रोका जाएगा। वहीं देहराबाद, ऋषिकेश और हरिद्वार से बिजनौर, नजीबाबाद, मुरादाबाद और नैनीताल जाने वाली रोडवेज बसें अपने निर्धारित मार्ग से संचालित होंगी। प्राइवेट बसों के लिए भी लगभग यही व्यवस्था लागू रहेगी। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, पंजाब और हरियाणा से आने वाली बसें बैरागी कैंप पार्किंग में खड़ी होंगी, जबकि नजीबाबाद रूट की बसों को नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग भेजा जाएगा। यात्रियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने सभी बस संचालकों को निर्धारित मार्गों और पार्किंग स्थलों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

भारी वाहनों और चारधाम यात्रा के लिए भी व्यवस्था

11 अगस्त तक मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की ओर जाने वाले भारी वाहन चिड़ियापुर और कांगड़ी पार्किंग में खड़े किए जाएंगे, जबकि दिल्ली और मेरठ की ओर से आने वाले भारी वाहन मंडावर में रोके जाएंगे। 29 जुलाई से चार अगस्त तक भारी वाहनों का संचालन रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक होगा, जबकि पांच से 11 अगस्त तक इनका संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। चारधाम यात्रा के लिए दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से केदारनाथ एवं बदरीनाथ जाने वाले वाहन मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर, नजीबाबाद, कोटद्वार, पौड़ी और श्रीनगर मार्ग से संचालित होंगे तथा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उपयोग करेंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले वाहनों के लिए भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।

आठ सुपर, 40 जोन और 141 सेक्टर में बांटा गया कांवड़ मेला क्षेत्र

धर्मनगरी हरिद्वार में विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेला-2026 के लिए प्रशासन और पुलिस के सामने चुनौती पहले से कहीं अधिक बड़ी है। पिछले वर्ष कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड 4.52 करोड़ शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे थे, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 4.12 करोड़ रही थी। इस बार भी पिछले रिकॉर्ड को पार करने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मानसून, राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे निर्माण कार्य और कुंभ-2027 की तैयारियों के बीच आयोजित हो रहे मेले को प्रशासन ने अपनी सबसे बड़ी परीक्षा माना है। पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में विभाजित किया गया है।

13 कंपनियां अर्द्धसैनिक बल, 6000 से अधिक पुलिस जवान

सुपर जोन की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों, जोन की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक और निरीक्षकों तथा सेक्टर की जिम्मेदारी थाना प्रभारियों को सौंपी गई है। 6000 से अधिक पुलिसकर्मी और जवान मेले में तैनात रहेंगे, जबकि 13 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा। इसके अलावा बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की चार टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी।

कांवड़ मेले पर 10 ड्रोन कैमरों से नजर

पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 10 ड्रोन कैमरे और कंट्रोल रूम से संचालित सीसीटीवी नेटवर्क लगातार नजर रखेगा। हरकी पैड़ी के जीरो जोन में किसी भी अधिकारी के वाहन के प्रवेश पर रोक रहेगी और अधिकारी पैदल ही आवाजाही करेंगे। भीमगोड़ा बैरियर, पोस्ट ऑफिस तिराहा और हरकी पैड़ी क्षेत्र में ठेली व हाथ में सामान बेचने वालों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। मालूम हो कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक हरिद्वार में कांवड़ मेला चलेगा, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कांवड़ मेले में पहली बार साइबर कमांडो की तैनाती

कांवड़ मेले में पहली बार साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे, जो सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखेंगे। भ्रामक, फर्जी और एआई जनरेटेड वीडियो की पहचान कर उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कांवड़ के बाद साइबर कमांडो को कुंभ मेले में तैनात किया जाएगा।

स्टील के बर्तनों पर जोर देने की अपील की

हरिद्वार। कांवड़ मेले को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की कवायद शुरू हो गई है। नगर निगम ने घाट क्षेत्र के भोजनालयों में स्टील के बर्तनों के उपयोग पर जोर दिया है। नगर आयुक्त नंदन कुमार के निर्देश पर बुधवार को मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और भोजनालय संचालकों से संपर्क कर स्टील के बर्तनों के उपयोग की अपील की।

कांवड़ की ऊंचाई छह फीट से अधिक न करें

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान बुधवार को पुलिस ने कांवड़ बाजार पहुंच कर व्यापारियों और शिवभक्तों से संवाद किया। इस दौरान पुलिस ने कांवड़ की ऊंचाई छह फीट से अधिक नहीं रखने की अपील की। ताकि यात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं हो। साथ ही व्यापारियों से प्रशासन के जारी दिशा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *