पंजाब के राजपुरा में शुक्रवार को अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस के 4 डिब्बों में आग लग गई। यह घटना अंबाला मंडल के सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के पास हुई। आग लगने के बाद ट्रेन में अफरातफरी मच गई। हालांकि, रेलवे के सुरक्षा तंत्र ने समय रहते खतरे का संकेत दे दिया, जिसके बाद ट्रेन को सुरक्षित रोक लिया गया। यात्रियों को तुरंत नीचे उतारा गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है और न ही कोई यात्री घायल हुआ है। आग की चपेट में आए चार डिब्बों में से तीन को काफी नुकसान पहुंचा है, जबकि चौथा डिब्बा भी आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।
दूसरी ट्रेन में बैठाकर भेजने की व्यवस्था
यात्रियों को घटनास्थल पर फंसे रहने से बचाने के लिए रेलवे ने तुरंत दूसरी ट्रेन की व्यवस्था की। यात्रियों को घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित नजदीकी स्टेशन तक पैदल जाने के लिए कहा गया। वहां से उन्हें दूसरी ट्रेन में बैठाकर आगे भेजने की व्यवस्था की गई। यशांजीत सिंह ने बताया कि यात्रियों को उनके घरों और निर्धारित गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। कर्मभूमि एक्सप्रेस बिना आरक्षण वाली ट्रेन है। इसमें बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में आग लगने के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना और उन्हें दूसरी ट्रेन में बैठाने की व्यवस्था करना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती थी। हालांकि, समय रहते ट्रेन रोकने और यात्रियों को बाहर निकालने से बड़ा हादसा टल गया।
आग से हुए नुकसान का आकलन शुरू
कर्मभूमि एक्सप्रेस पंजाब के अमृतसर से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी के बीच चलती है। यह उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों को जोड़ने वाली लंबी दूरी की ट्रेन है। शुक्रवार को हुए हादसे के बाद रेलवे ने आग से हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि तीन डिब्बों में आग से काफी नुकसान हुआ है, जबकि एक अन्य डिब्बा भी इसकी चपेट में आया है। रेलवे की ओर से आग लगने की घटना की औपचारिक जांच कराई जाएगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आग बिजली की खराबी, तकनीकी गड़बड़ी या किसी अन्य वजह से लगी। फिलहाल रेलवे का पूरा ध्यान प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने पर है।
