भारतीय ग्रामोत्थान संस्था में दो दिवसीय क्षमता विकास कार्यशाला आयोजित

ऋषिकेश के ढालवाला स्थित भारतीय ग्रामोत्थान संस्था में 11 और 12 अप्रैल को दो दिवसीय क्षमता विकास कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला विशेष रूप से संस्था के कर्मचारियों और स्थानीय आर्टिज़न्स के लिए आयोजित की गई, जिसमें किसी बाहरी प्रतिभागी की भागीदारी नहीं रही।
इस कार्यशाला की मुख्य वक्ता प्रोफेसर शालिनी रहीं, जिन्होंने प्रतिभागियों को क्षमता विकास, कार्यकुशलता और व्यक्तिगत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।


प्रो. शालिनी ने बताया कि हर व्यक्ति के भीतर अपार क्षमता होती है, लेकिन उसे सही दिशा में उपयोग करना ही असली चुनौती है। उन्होंने कर्मचारियों को समझाया कि वे अपने कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर, समय प्रबंधन को बेहतर बनाकर और निरंतर सीखने की आदत विकसित करके अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।


उन्होंने ऑफिस कल्चर को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया और कहा कि एक अच्छा कार्य वातावरण टीमवर्क, आपसी सहयोग और सम्मान से बनता है। यदि कर्मचारी मिलकर कार्य करें और एक-दूसरे को सहयोग दें, तो संस्था की प्रगति भी तेज़ी से होती है।


आर्टिज़न्स को संबोधित करते हुए उन्होंने उन्हें अपनी मेहनत और कौशल को पहचानने, उसे निखारने और नए अवसरों के साथ जोड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार वे अपने काम की गुणवत्ता सुधारकर न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि संस्था की पहचान को भी मजबूत बना सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान संवाद सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें कर्मचारियों और आर्टिज़न्स ने अपने अनुभव साझा किए और कार्य से जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की। इन चर्चाओं के माध्यम से उन्हें व्यावहारिक समाधान और नई दिशा मिली।


इस अवसर पर संस्था के प्रभारी अनिल चंदोला, अध्यक्षा गीता चंदोला और पी.आर.ओ. नरेंद्र कुखशाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने इस प्रकार की कार्यशालाओं को संस्था के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने पर बल दिया।
इस पूरे दो दिवसीय कार्यक्रम को रेडियो ऋषिकेश द्वारा पूरी तरह कवर किया गया, जिसमें मीडिया प्रभारी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हुए इस महत्वपूर्ण पहल को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया गया।

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