बिहार में नई सरकार गठन से पहले जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने दो भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि कोई भी सीएम बने लेकिन रिमोट कंट्रोल अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी के हाथ में होगा। सरकार की प्राथमिकता बिहार की जनता की भलाई नहीं बल्कि गुजरात की फैक्ट्रियों के लिए मजदूर का जुगाड़ करना होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि नई सरकार बिहार से बेरोजगारी, बदहाली, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी समस्याओं को दूर नहीं कर पाएगी।
पत्रकारों के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार को 202 विधायकों की ताकत हासिल है। लेकिन, यह लोकप्रियता का नहीं बल्कि मैन्यूफैक्चर्ड मैंडेट है जो लोगों को 10 10 हजार देकर प्राप्त किया गया है। इसी वजह से नीतीश कुमार को पद छोड़ना पड़ रहा है। अब सीएम की कुर्सी पर वही बैठेगा जिसे गुजरात के नरेंद्र मोदी और अमित शाह चाहेंगे। पहली बार ऐसा होगा जब बिहार के मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बिहार में सुधार नहीं बल्कि गुजरात का विकास होगा। बिहार से सस्ते मजदूर गुजरात की फैक्ट्रियों के लिए भेजे जाएंगे। यहां से ट्रेन और बस में भर कर 10 से 12 हजार मासिक के मजदूर गुजरात भेजे जाएंगे। यह मेरी भविष्यवाणी है। प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार में व्यक्ति के तौर पर चाहे कोई भी सीएम बने पर उसका रिमोट कंट्रोल मोदी जी और अमित शाह के हाथ में होगा। गुजरात के लोग फैक्ट्रियों के मालिक रहेंगे और बिहार के बेरोजगार वहां मजदूरी करेंगे।
दूसरी भविष्यवाणी के तौर पर प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार चाहे किसी की बने पर बिहार से बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पलायन, शिक्षा की बदहाली, पलायन जैसी समस्याएं दूर नहीं होंगी। इसकी वजह यह है कि लोगों ने इसके लिए वोट नहीं दिया है। लोगों ने दस हजार के लालच में वोट बेचा है तो इमानदार सरकार की कल्पना नहीं की जा सकती। इसमें जन सुराज भी कोई मदद नहीं कर सकता क्योंकि यह काम उनका है जो सत्ता में हैं। बिहार के लोगों ने ऐसे व्यक्ति को वोट दिया जो खुद पलायन कर गया। लोगोंने नीतीश कुमार का चेहरा देखकर वोट दिया तो अब उनका बेटा ही राजा बनेगा, लोगों के बच्चे मजदूर ही रहेंगे।

