स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से बुधवार को प्रशिक्षण सह जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक प्रतिभागियों विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैंसर से बचाव के बारे में अहम जानकारी प्रदान की। विश्व कैंसर दिवस पर गढ़ी श्यामपुर स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शैली व्यास ने स्तन कैंसर के जोखिम कारकों, प्रारंभिक लक्षणों, स्व-स्तन परीक्षण तथा 40 वर्ष के बाद मैमोग्राफी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। आरएचटीसी प्रभारी डॉ. अभय श्रीवास्तव ने तंबाकू एवं शराब सेवन से होने वाले मुख कैंसर के दुष्परिणामों तथा शीघ्र जांच के महत्व को बताया।
डॉ. नेहा शर्मा ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम में एचपीवी वैक्सीन, नियमित स्क्रीनिंग एवं पैप स्मीयर जांच की भूमिका को रेखांकित किया। प्रशिक्षण सत्र में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा फैसिलिटेटर, ग्राम प्रधान एवं मेडिकल इंटर्न्स सहित 50 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। आयोजक डॉ. जयंती सेमवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर की समय पर पहचान एवं रोकथाम को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम किया गया। मौके पर गढ़ी के प्रधान आशीष रंगड़, खैरी- कलां प्रधान शबनम मल्होत्रा, डॉ. राजेंद्र राणा, रीता भट्ट, आराधना, प्रदीप सकलानी, संजीत, हरि ओम आदि उपस्थित रहे। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला में डॉ. सुरभि मिश्रा तथा हिम्स जौलीग्रांट के शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (यूएचटीसी), कुड़कावाला में डॉ. अवनी एवं डॉ. आंचल द्वारा कैंसर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को कैंसर से बचाव एवं समय पर जांच के प्रति जागरूक किया गया।

