बीते चार वर्षों से पेट दर्द की गंभीर समस्या से जूझ रही एक महिला को ऋषिकेश सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है। करीब तीन घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भाशय से 8 किलो वजनी मल्टीपल रसौली को निकाला गया। ऑपरेशन के बाद महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है। पौड़ी गढ़वाल जनपद के कल्जीखाल क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय गीता डबराल पत्नी संतोष डबराल लंबे समय से पेट दर्द से परेशान थीं। उन्होंने पौड़ी जिला अस्पताल, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और सतपुली स्थित हंस फाउंडेशन अस्पताल में उपचार कराया, लेकिन राहत नहीं मिली। करीब 15 दिन पूर्व अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होने पर महिला के पति ने ऋषिकेश सरकारी अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. विकास धस्माना से संपर्क किया।
उनकी सलाह पर महिला को ऋषिकेश सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा ने जांच के बाद महिला को भर्ती किया। जांच में महिला के गर्भाशय में मल्टीपल रसौली की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन का निर्णय लिया। गुरुवार को डॉ. लोकेश सलूजा के नेतृत्व में महिला का ऑपरेशन कर गर्भाशय से 8 किलो की रसौली निकाली गई। मरीज की स्थिति को देखते हुए गर्भाशय को भी निकालना पड़ा। डॉ. सलूजा के अनुसार जटिल ऑपरेशन के बाद महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है। देर होती तो जान को हो सकता था खतरा वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा ने बताया कि महिला को रसौली के कारण लगातार रक्तस्राव हो रहा था, जिससे उनका हीमोग्लोबिन स्तर गिरकर 7 तक पहुंच गया था, जबकि सामान्य स्तर हीमोग्लोबिन 11 होना चाहिए। यदि परिजन महिला को समय रहते अस्पताल नहीं लाते तो जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। सर्जरी को सफल बनाने वाली टीम में वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा, सर्जन डॉ. राजीव गर्ग, एनेस्थेटिक डॉक्टर आनंद सिंह राणा, नर्सिंग स्टाफ नंदिनी, संगीता व सीमा, वार्ड बॉय सोबन सिंह और पर्यावरण मित्र बबली शामिल रहे।

