ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत रुद्रप्रयाग में निर्माणाधीन इमरजेंसी टनल (7बी पैकेज) में धंसाव हो गया। घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है। घटना के मुताबिक, सुरंग के ऊपरी हिस्से से पानी व मिट्टी के रिसाव से कुछ भाग प्रभावित हुआ है, हालांकि सतर्कता के चलते किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब 11:30 बजे जवाड़ी चौकी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर निर्माण स्थल पर हुई। धंसाव के दौरान मौजूद मजदूरों ने समय रहते शोर मचाकर अन्य श्रमिकों को सतर्क कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया।
आवाजाही रोकी
टनल के जिस हिस्से में धंसाव हुआ है, वहां एहतियात के तौर पर आवाजाही रोक दी गई है। फिलहाल केवल तकनीकी टीम को ही सीमित संख्या में श्रमिकों के साथ प्रवेश की अनुमति दी गई है। अन्य मार्गों पर निर्माण कार्य जारी है।
धंसाव की क्या वजह
इधर, निर्माणकर्ता संस्था मेगा कंपनी के जनसम्पर्क अधिकारी महेश भट्ट ने बताया कि मेन टनल और स्केप टनल के बीच वाले हिस्से में पानी का रिसाव हुआ था। इससे मुख्य और स्केप टनल को नुकसान नहीं हुआ है। क्राॅस पैचेज में पानी जमा होने से टनल में पानी और मिट्टी का रिसाव हुआ जिससे एक हिस्से में हल्की सी मिट्टी गिरी। कंपनी की तकनीकी विशेषज्ञ टीम ने मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र का ट्रीटमेंट शुरू कर दिया है। तीन-चार दिन में ट्रीटमेंट हो जाएगा।
श्रीनगर में मुआवजे को लेकर रेलवे का काम रोका
दूसरी तरफ श्रीनगर नगर निगम के रेवड़ी कांडई टीचर्स कॉलोनी में बीते वर्ष हुए भू-धंसाव के चलते क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों का मुआवजा न मिलने पर पीड़ित प्रभावितों ने श्रीनगर से लेकर डुंगरीपंथ तक रेलवे निर्माण कार्य पूर्ण रूप से बंद करवाया। इस दौरान प्रभावितों ने निर्माणदायी संस्था के कार्यालयों में तालाबंदी भी की।
प्रभावितों ने कहा कि रेलवे निर्माण कार्य में हुई ब्लॉस्टिंग के चलते उनके आवासीय भवनों को क्षति पहुंची है, लेकिन रेलवे विभाग द्वारा मुआवजे को लेकर कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई है। पीड़ितों और प्रतिनिधियों ने प्रशासन और रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग भी की। बताते चलें कि बीते वर्ष घसिया महादेव स्थित टीचर्स कॉलोनी में भू-धंसाव होने के कारण नौ मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये थे।

