NEET : रेलवे के स्पेशल इंतजाम में लोचा, वापसी के लिए कोई ट्रेन ही नहीं; किराया भी वसूल रहे तगड़ा

नीट की दोबारा परीक्षा रविवार 21 जून को आयोजित हो रही है। मध्य प्रदेश में नीट अभ्यर्थियों के लिए स्पेशल ट्रेन का इंतजाम किया गया है। हालांकि इसमें एक लोचा है। नीट अभ्यर्थियों को ले जाने का इंतजाम तो है, लेकिन उनकी वापसी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। आधिकारिक घोषणा के मुताबिक इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन शनिवार को इंदौर से 11.25 पर छूटने वाली थी और इसे शाम 7 बजे भोपाल पहुंचा था। इसके लिए फतेहाबाद, बडनगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सिहोर और संत हृदाराम नगर में स्टॉपेज बनाया गया है। इसके बाद यह ट्रेन इसी दिन भोपाल से शाम को 7.40 पर निकलेगी और पांच घंटे का सफर तय कर रतलाम पहुंचेगी।

कैसे होगी वापसी
इस ट्रेन से नीट कैंडिडेट्स को एक दिन पहले एग्जाम सेंटर पर पहुंचने में तो मदद मिल सकती है। लेकिन एग्जाम खत्म होने के बाद इनकी वापसी के लिए किसी स्पेशल ट्रेन का इंतजाम नहीं किया गया है। सीनियर अधिकारी, सौरभ कटारिया ने कहाकि स्पेशल ट्रेन को यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ संभालने के लिए चलाया जा रहा है। खासतौर पर नीट परिक्षार्थियों और उनके पैरेंट्स को सहूलियत देना इसका मकसद है। लेकिन वापसी की ट्रेन की टाइमिंग ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वाकई यह सारा इंतजाम नीट परीक्षाथियों को फायदा पहुंचाने वाला है?

किराए ने बढ़ाई टेंशन
इसके अलावा नीट परिक्षार्थियों और उनके पैरेंट्स के लिए चिंता का दूसरा सबब किराया है। इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन में स्लीपर क्लास का किराया 350 रुपए है। जबकि इसी रूट पर चलने वाली दूसरी रेगुलर ट्रेन्स में किराया इससे कहीं कम है। जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास का किराया 150 रुपए और मालवा एक्सप्रेस में यह करीब 180 रुपए है। अगर कोई परीक्षार्थी इंदौर से भोपाल की यात्रा कर रहा है तो वह स्पेशल ट्रेन में रेगुलर ट्रेन की तुलना में दुगुना किराया चुका रहा होगा। यहां तक कि बडनगर, रतलाम, नागदार, उज्जैन, मक्सी या सिहोर से चढ़ने वाले यात्रियों को भी 350 रुपए ही चुकाने होंगे। वहीं, वापसी के दौरान भोपाल से रतलाम के लिए स्लीपर का मिनिमम किराया 295 रुपए है।

कई जगहों के लिए स्पेशल ट्रेन नहीं
एक सवाल यह भी है कि बहुत से कस्बों के लिए सीधी स्पेशल ट्रेन की सुविधा नहीं है। इनमें नीमच, मंदसौर, जावरा, पिपलिया मंडी और मल्हारगढ़ शामिल हैं। ऐसे में इन जगहों के नीट कैंडिडेट्स को कनेक्टिंग ट्रेन्स, बसों या फिर प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना होगा। एनडीटीवी के मुताबिक इस बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि रतलाम डिवीजन ने कोच की उपलब्धता के आधार पर ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। वहीं, परीक्षार्थियों पर भी खास दबाव है। इस वजह से वह रेल व्यवस्था को लेकर टिप्पणी करने से बच रहे थे।

वहीं, खास बात यह है कि नीट के लिए दोबारा परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में भी गिरावट आई है। भोपाल में पहली बार 14,334 ने नीट परीक्षा दी थी। वहीं, इस बार यह संख्या घटकर 13,774 रह गई है। इस बार एग्जाम सेंटर भी पहली बार के 33 से घटकर 32 रह गए हैं। गौरतलब है नीट पेपर लीक होने के बाद 3 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसको लेकर सरकार ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है।

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