भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रनों से करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया है। वह लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच जीतने वाली पहली महिला टीम बन गई है। यह लॉर्ड्स में खेला गया पहला महिला टेस्ट मैच था। इससे पहले कभी भी ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टेस्ट मैच नहीं खेला गया था। इस टेस्ट मैच में भारत की दो लड़कियों ने भी इतिहास रचा। क्रांति गौड लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम लिखवाने वाली विश्व की पहली क्रिकेटर बनीं, वहीं यास्तिका भाटिया ने शतक जड़कर इतिहास रचा। वे लॉर्ड्स के मैदान पर शतक जड़ने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं। दोनों खिलाड़ियों ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया
भारत और इंग्लैंड महिला टीम के बीच इंग्लैंड के लॉर्ड्स में एकमात्र टेस्ट मैच खेला गया। मुकाबले का आज चौथा दिन था, जहां इंग्लैंड की टीम 130/6 से आगे खेलना शुरू किया। इंग्लैंड को दिन की शुरुआत में ही 7वां झटका लगा। लंबे समय से टिकी हई एमी जोंस (54) को स्नेहा राणा ने आउट किया। इसके बाद एक के बाद एक विकेट गिरते रहे। 159 रनों पर इंग्लैंड ने 9 विकेट खो दिए थे लेकिन उसके बाद आखिरी विकेट के लिए सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने 27 रनों की साझेदारी कर डाली और भारत की जीत को थोड़ा डिले कर दिया। सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन बनाए अंत में उन्हें स्नेहा राणा ने आउट किया। दूसरी पारी में इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत को 270 रनों से जीत मिली।
मैच के तीसरे दिन भारत ने अपनी दूसरी पारी में 151/1 से आगे खेलना शुरू किया था और 341/7 पर पारी घोषित कर दी। दूसरे दिन शेफाली वर्मा (33) के रूप में भारत ने पहला विकेट खो दिया था। यस्तिका भाटिया और स्मृति मंधाना तीसरे दिन सुबह क्रीज पर थीं। टीम इंडिया को पहली पारी में 115 रनों की बढ़त मिली थी, जिसके कारण इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। इस लक्ष्य के जवाब में इंग्लैंड की टीम कभी संभल नहीं पाई और चौथे दिन दूसरे घंटे में ही 186 रनों के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से दूसरी पारी में स्नेहा राणा ने चार विकेट चटकाए। दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड और सयाली सतघरे ने 2-2 विकेट लिए।
