राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, हस्तकला और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुनि की रेती में तीन दिवसीय स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर 2026 तक योग पार्क, जीएमवीएन रिजॉर्ट के पास, मुनि की रेती, ऋषिकेश में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन जिला उद्योग केन्द्र, नरेंद्रनगर, टिहरी गढ़वाल द्वारा किया गया है।

गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के माननीय उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) श्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि नगर पालिका मुनि की रेती की अध्यक्षा श्रीमती नीलम बिजल्वाण ने अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके साथ ही भारतीय ग्रामोत्थान संस्था की अध्यक्षा गीता चंदोला जी, श्री एम.एस. सजवाण जी महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र नरेंद्रनगर टिहरी गढ़वाल तथा पूर्व प्रबंधक श्री एस.एस. नेगी जी सहित क्षेत्र के विभिन्न गणमान्य लोगों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का संचालन शास्त्री जी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से महात्मा गांधी के स्वदेशी के विचार को वर्तमान समय में स्थानीय उत्पादों और स्थानीय रोजगार से जोड़ते हुए लोगों को अपने क्षेत्र में निर्मित वस्तुओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने स्थानीय कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित करने तथा उनके द्वारा तैयार उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस प्रदर्शनी की खास बात यह है कि यहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, स्थानीय कारीगरों और व्यक्तिगत उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराया गया है। स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले हस्तशिल्प एवं हस्तकला के उत्पादों के साथ ही प्राकृतिक और स्वदेशी उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

प्रदर्शनी में भारतीय ग्रामोत्थान संस्था, पहाड़ी क्राफ्ट और ऋषिकेश नैचुरल फाइबर की भी सहभागिता है। भारतीय ग्रामोत्थान संस्था से जुड़ी महिलाओं एवं अन्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद भी प्रदर्शनी में लगाए गए हैं। इस प्रकार यह आयोजन केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बन रहा है। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर काम कर रहे छोटे उद्यमियों और कारीगरों को बाजार से जोड़ना तथा आम जनता को स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता से परिचित कराना भी है। जब स्थानीय लोग अपने ही क्षेत्र में तैयार वस्तुओं को प्राथमिकता देते हैं, तो इसका सीधा लाभ स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को मिलता है।

“वोकल फॉर लोकल” की इसी भावना के साथ क्षेत्रवासियों से भी अपील की गई है कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ इस प्रदर्शनी में पहुंचें, यहां लगाए गए विभिन्न स्टॉल देखें और स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों के बारे में जानें। पसंद आने वाले स्थानीय उत्पादों को अपनाकर और खरीदकर इन उद्यमियों का उत्साहवर्धन भी किया जा सकता है। विशेष रूप से यह प्रदर्शनी सिर्फ तीन दिनों—2, 3 और 4 अक्टूबर—के लिए आयोजित की जा रही है। इसलिए ऋषिकेश, मुनि की रेती तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए स्थानीय हस्तशिल्प, हस्तकला एवं स्वदेशी उत्पादों को एक ही स्थान पर देखने का यह अच्छा अवसर है। तो आप भी पहुंचिए योग पार्क, जीएमवीएन रिजॉर्ट के पास, मुनि की रेती, ऋषिकेश और स्थानीय उत्पादों को जानने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और उद्यमियों का उत्साह बढ़ाइए।
स्वदेशी अपनाइए, स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित कीजिए और “वोकल फॉर लोकल” की मुहिम में अपनी भागीदारी निभाइए।

