भारतीय ग्रामोत्थान संस्था ने गांधी जयंती पर दिया “वोकल फॉर लोकल” का संदेश, स्थानीय उत्पादों और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर दिया जोर

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर भारतीय ग्रामोत्थान संस्था द्वारा गांधी जी को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर संस्था की ओर से “वोकल फॉर लोकल” की भावना के साथ स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, हस्तकला तथा महिला स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। भारतीय ग्रामोत्थान संस्था की अध्यक्षा गीता चंदोला एवं संस्था के प्रभारी अनिल चंदोला की उपस्थिति में गांधी जयंती मनाई गई। इस दौरान महात्मा गांधी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके विचारों और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया गया। संस्था से जुड़े सदस्यों ने गांधी जी के स्वदेशी के विचार को आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को अधिक से अधिक अपनाने का संदेश दिया।


भारतीय ग्रामोत्थान संस्था लंबे समय से स्थानीय स्तर पर महिलाओं को आजीविका एवं स्वरोजगार से जोड़ने के साथ प्राकृतिक फाइबर, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य कर रही है। गांधी जयंती के अवसर पर संस्था ने इसी उद्देश्य को “वोकल फॉर लोकल” अभियान से जोड़ते हुए स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की बात कही। इस अवसर पर संस्था की ओर से मुनि की रेती स्थित योग पार्क, जीएमवीएन रिजॉर्ट के पास आयोजित स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पाद प्रदर्शनी में भी भागीदारी की गई। 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में भारतीय ग्रामोत्थान संस्था से जुड़े स्थानीय उत्पादों के साथ पहाड़ी क्राफ्ट और ऋषिकेश नैचुरल फाइबर से संबंधित उत्पादों को भी लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इसका उद्देश्य केवल उत्पादों का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्थानीय बाजार और आम लोगों से जोड़कर महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को मजबूत करना भी है।


भारतीय ग्रामोत्थान संस्था की अध्यक्षा गीता चंदोला ने स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्थानीय कारीगरों तथा महिलाओं द्वारा तैयार वस्तुओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। वहीं संस्था के इंचार्ज अनिल चंदोला ने भी स्वदेशी की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। महात्मा गांधी का स्वदेशी का विचार केवल अपने देश में बनी वस्तुओं के उपयोग तक सीमित नहीं था, बल्कि स्थानीय संसाधनों और स्थानीय श्रम को महत्व देकर समाज को आत्मनिर्भर बनाने की भावना से भी जुड़ा था। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए भारतीय ग्रामोत्थान संस्था स्थानीय महिलाओं एवं कारीगरों को उनके कौशल के आधार पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत है।


इस पहल में रेडियो ऋषिकेश 90.0 FM भी सामुदायिक माध्यम के रूप में स्थानीय उत्पादों, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और “वोकल फॉर लोकल” के संदेश को क्षेत्र के लोगों तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभा रहा है। सामुदायिक रेडियो के माध्यम से स्थानीय गतिविधियों और जनहित से जुड़े संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। गांधी जयंती के अवसर पर भारतीय ग्रामोत्थान संस्था ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों को देखें, समझें और उन्हें प्राथमिकता दें, क्योंकि स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को अपनाने से सीधे तौर पर स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और छोटे उद्यमियों की आजीविका को मजबूती मिलती है।
इसी संदेश के साथ संस्था ने महात्मा गांधी को नमन करते हुए “स्वदेशी अपनाएं, स्थानीय को बढ़ावा दें और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं” का आह्वान किया।

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