उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण चट्टानों से मलबा और बोल्डर गिरने से रविवार को 103 सड़कें बाधित हुईं। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। मौसम विभाग ने सोमवार को भी राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसको देखते हुए सात जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। उत्तराखंड में मॉनसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी, जबकि कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। अगले 24 घंटे प्रदेश के कई जिलों के लिए संवेदनशील माने जा रहे हैं।
देहरादून में आज भारी बारिश की चेतावनी
देहरादून में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के बाद सोमवार को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र से 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी होने के बाद डीएम डॉ. आशीष चौहान ने यह आदेश किया। डीएम के मुताबिक, कक्षा एक से 12वीं तक सभी विद्यालयों के साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। इससे पहले, स्कूल बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी आदेश वायरल हो गया था, जिससे भ्रम की स्थिति हो गई थी।
भारी बारिश के बीच अलर्ट रहें अफसर : सीएम
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव आनन्द बर्धन और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को हर स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। सीएम धामी ने कहा कि जहां कहीं भी भारी बारिश, भूस्खलन या सड़क बंद होने जैसी स्थिति बने, वहां प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे। राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार रहें। प्रभावित लोगों को समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सेवाएं बाधित होने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए। चारधाम यात्रा मार्ग सहित सभी प्रमुख मार्गों की स्थिति पर भी नजर रखी जाए। सीएम धामी ने प्रदेशवासियों और राज्य में आने वाले यात्रियों से अपील की है।
स्यानाचट्टी में 12 घंटे बाद खुला हाईवे
मूसलाधार बारिश के बाद भारी मलबा आने से स्यानाचट्टी में बंद यमुनोत्री हाईवे 12 घंटे बाद रविवार शाम चार बजे खुल गया। इससे पहले पालीगाड़ में बंद हाईवे सात घंटे बाद खोला गया। यमुनोत्री क्षेत्र में शनिवार रात हुई बारिश के बाद रविवार सुबह यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया था।
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग अब भी बंद
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर दूसरे दिन भी यातायात बहाल नहीं हो सका। तवाघाट-गुंजी सड़क पर गर्बाधार-शांतिवन के पास भारी बोल्डर और मलबा आने से भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग बंद है। लगातार भूस्खलन के कारण आवाजाही पूरी तरह ठप बनी हुई है।
दून-मसूरी मार्ग पर दो जगह भूस्खलन से सहमे पर्यटक
दून-मसूरी मार्ग पर ग्लोगी पावर हाउस और मैगी प्वाइंट के पास दो जगह भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हो गया। यहां से गुजर रहे वाहन सवार बाल-बाल बचे। दूसरी ओर, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते कुछ देर बाद सड़क को दोबारा खोल दिया गया। रविवार को दून-मसूरी मार्ग पर कुछ जगह बारिश के बीच पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरते रहे। सुरक्षा के मद्देनज़र पर्यटक वाहनों को कुछ समय तक सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। इधर, सूचना मिलते ही लोनिवि की टीम ने जेसीबी से मलबे को हटाया। एसडीएम राहुल आनंद ने आमजन से अपील की है कि बारिश में पहाड़ी मार्गों पर सफर करते समय पूरी सावधानी बरतें।
यहां बंद रहेंगे स्कूल
भारी बारिश के अलर्ट के चलते सोमवार को देहरादून, हरिद्वार टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल और चम्पावत में कक्षा 12 तक संचालित सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

