निठारी कांड वाले सुरेंद्र कोली ने सुसाइड किया, मंदिर के सामने फंदे से लटका मिला

बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने फांसी लगा ली है। वह हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र भूपतवाला इलाके में मंदिर के सामने चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला। तीन दिन पहले ही उसने वह दुकान खोली थी। प्रारंभिक जांच में सुसाइड की वजह पारिवारिक क्लेश बताया जा रहा है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट ने कोली को निर्दोष बताते हुए बरी किया था।

बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था। सुरेंद्र कोली मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण में मंगरुखाल गांव का रहने वाला था। आज सुबह हरिद्वार शहर कोतवाली की सप्त ऋषि पुलिस चौकी पर सूचना मिली कि सप्त सरोवर रोड लालमाता मंदिर के सामने सुरेंद्र कोली ने चाय की दुकान में फांसी लगा ली है।

सुसाइड की वजह क्या निकली

प्रथम दृष्टया पुलिस पारिवारिक क्लेश को आत्महत्या की वजह मान रही है। हालांकि, आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई है। सुरेंद्र कोली निठारी कांड का आरोपी था।

पुलिस ने क्या बताया

हरिद्वार में पुलिस अधिकारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि कोली ने कुछ दिन पहले ही चाय का खोखा लगाया था। अल्मोड़ा के मंगरूखाल गांव का रहने वाला कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था। चाय का खोखा किराए पर लेने से पहले वह सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था।

राणा ने बताया कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अल्मोड़ा में कोली के परिवार को सूचित कर दिया गया है और उसकी मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रिहा किया था

11 नवंबर साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था। 2006 में निठारी हत्या व दुष्कर्म कांड सामने आया था। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई थी। 2015 में न्यायालय ने फांसी की सजा में राहत देते हुए उम्रकैद सुनाई थी।

निठारी कांडः नोएडा की कोठी से बच्चों के अवशेष मिले थे

दिसंबर 2006 में नोएडा के सेक्टर 31 में कुख्यात D-5 कोठी से कई बच्चों के अवशेष मिले थे। इसमें पुलिस ने कोठी के नौकर सुरेंद्र कोली और मालिक मनेंद्र सिंह पंढेर को गिरफ्तार किया था। इस सनसनीखेज घटना ने सिर्फ दिल्ली ही नहीं पूरे देश को झकझोर कर दिया था। सुरेंद्र कोली पर हत्या, रेप और अमानवीय कृत्यों के 16 मामले दर्ज हुए थे। इन सभी मामलों में उसे मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि फिर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों में कोली को निर्दोष करार देकर रिहा कर दिया था। गौरतलब है कि इस मामले के मुख्य आरोपी पंढेर को पहले ही सभी मामलों में बरी किया जा चुका था।

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