संघ और सरकार में अंतर्विरोध? RSS के विजयादशमी समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ होंगे अतिथि, कांग्रेस क्यों गदगद

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अनुसार, 20 अक्टूबर को नागपुर में होने वाले उसके विजयादशमी समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बतौर अतिथि शिरकत करेंगे। यह खबर चौंकाने वाली प्रतीत हो रही है क्योंकि पिछले साल स्वास्थ्य कारणों से उप राष्ट्रपति पद से धनखड़ के इस्तीफे के बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके भाजपा से रिश्ते खराब हो चुके हैं, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने इस अहम वार्षिक कार्यक्रम में उन्हें ही अतिथि बनाकर ला रहा है। इसे लेकर भी चर्चा तेज है कि क्या भाजपा और संघ के बीच भी रिश्तों में कटुता आ चुकी है?

बहरहाल, अतिथियों के रूप में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अलावा मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के महावाणिज्यि दूत यानिव रेवाच को भी आमंत्रित किया गया है। आरएसएस द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत नागपुर के रेशिमबाग में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण देंगे। इसमें बताया गया कि दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्ता समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।

इजरायली दूत भी होंगे अतिथि

आरएसएस ने कहा, ”इस वर्ष संघ के विजयादशमी उत्सव, जो इसके शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर आयोजित हो रहा है, के लिए आमंत्रित अतिथि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और मध्य भारत क्षेत्र के लिए इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच होंगे।”

धनखड़ ने पिछले साल छोड़ा था उपराष्ट्रपति का पद

बता दें कि जगदीप धनखड़ ने चिकित्सा कारणों का हवाला देते हुए पिछले साल जुलाई 2025 में संसद के मॉनसून सत्र के शुरुआत में ही उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। तब आरोप लगे थे कि उन्होंने तत्कालीन दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से करोड़ों के अधजले नोट मिलने के मामले में विपक्ष के महाभियोग नोटिस को स्वीकार कर लिया था, जबकि सरकार उसे लोकसभा के जरिए आगे बढ़ाना चाहती थी। सरकार से इस कथित गतिरोध के बाद धनखड़ ने तब अचानक उपराष्ट्रपति का पद छोड़ दिया था।

‘व्यवस्था अंतर्विरोधों से जूझ रही’: कांग्रेस

इधर, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने धनखड़ को आरएसएस की ओर से निमंत्रण को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘व्यवस्था अंतर्विरोधों से जूझ रही है।’ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि आरएसएस ने धनखड़ को आमंत्रित किया है, लेकिन सरकार ने अभी तक उन्हें आवास आवंटित नहीं किया है जबकि वह पिछले साल जुलाई में अचानक इस्तीफा देने के बाद से इसके हकदार बने हुए हैं। दरअसल, कांग्रेस इस प्रसंग का उल्लेख कर यह संदेश देना चाह रही है कि संघ और भाजपा के बीच रिश्ते अब पहले की तरह सामान्य नहीं रहे, तभी तो भाजपा की अगुवाई वाली मोदी सरकार की आंखों की किरकिरी धनखड़ को संघ अपने सालाना जलसे में अतिथि बना रहा है। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)

 

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