किसान के बेटे हैं IAS तुकाराम मुंढे, जानें उनके परिवार में कौन-कौन है?

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंडे का नाम काफी समय से सुर्खियों में बना हुआ है। हर कोई उन्हें सिंघम, रॉकस्टार, नायक कह रहा है और उनके काम की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। बीते दिनों वह महाराष्ट्र के होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य दुकानों में छापेमारी कर रहे थे और कई जगहों पर उन्होंने कार्रवाई भी थी। तुकाराम मुंढे का नाम ईमानदार अफसरों की लिस्ट में शुमार हो गया है, जो अपने कर्तव्य के लिए जीते हैं और अपने काम को ही धर्म मानते हैं। तुकाराम मुंढे के बारे में आपने काफी कुछ जान लिया होगा लेकिन आज हम आपको उनके परिवार के बारे में कुछ जानकारी देने जा रहे हैं। आइये जानते हैं तुकाराम मुंढे के घर में कौन-कौन है और वह किस परिवार से आते हैं।

कौन हैं तुकाराम मुंढे

तुकाराम हरिभाउ मुंढे का जन्म 3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताड़सोना गांव में हुआ था। आज वह महाराष्ट्र कैडर के IAS अधिकारी हैं। वह अपनी सख्त कार्यशैली, ईमानदारी और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और अपने काम करने के तरीके को लेकर अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। उन्हें ना ही सस्पेंशन से डर है और ना ही बर्खाश्त होने से दिक्कत है। बस वह अपना काम करते रहते हैं।

किसान थे तुकाराम मुंढे के पिता

तुकाराम मुंढे के पिता हरिभाउ मुंढे किसानी किया करते थे और उनकी मां आसराबाई मुंढे घर संभालती थीं। तुकाराम के बड़े भाई अशोक भी डिप्टी कलेक्टर थे और अब वह रिटायर हो चुके हैं। तुकाराम मुंढे की पढ़ाई में भाई अशोक ने काफी मदद की और हर तरह से उनका सहयोग दिया।

नंगे पैर जाया करते थे स्कूल

तुकाराम मुंढे साधारण परिवार से थे और उनके पिता किसानी करते थे। उनके पास ज्यादा साधन नहीं था लेकिन पढ़ाई को लेकर लगन थी। बचपन में वह नंगे पैर स्कूल जाया करते थे। 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय औरंगाबाद से इतिहास में ग्रेजुएशन और राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। शुरुआती असफलताओं के बाद, उन्होंने साल 2004-05 की यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की और आईएएस बनें। तुकाराम मुंढे से सीख मिलती है कि बिना साधनों के भी सपने पूरे किए जा सकते हैं।

21 साल में 25 तबादले देखें

साल 2005 में सोलापुर में सुपरन्यूमरेरी असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में तुकाराम मुंढे को पहली नियुक्ति मिली, जिसके बाद वे नंदुरबार में प्रोजेक्ट ऑफिसर रहें। तुकाराम मुंढे अब तक कई पद संभाल चुके हैं। वह अपने 21 साल के करियर में 25 से अधिक तबादले देख चुके हैं और हर जगह जाकर वह अपने काम के लिए चर्चा में आ जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *