हम दिन में कई बार बाथरूम जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यहां की कुछ आदतें आपको बीमार भी कर सकती हैं? कई बार हम पॉट का ढक्कन बंद नहीं करते, कई दिनों तक एक ही तौलिया इस्तेमाल करते रहते हैं या हाथ धोने में जल्दबाजी कर देते हैं। हमें लगता है कि इन छोटी-छोटी बातों से क्या ही फर्क पड़ेगा, लेकिन इनका असर हमारी सेहत पर पड़ सकता है। होम्योपैथी डॉक्टर सानिध्य सक्सेना ने बाथरूम से जुड़ी ऐसी ही 7 आदतों के बारे में बताया है, जिन्हें बदलना जरूरी है। आइए जानते हैं कि आपको किन गलतियों से बचना चाहिए।
1. फ्लश चलाते समय ढक्कन बंद करें
कई लोगों की आदत होती है कि टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद बिना ढक्कन बंद किए ही फ्लश चला देते हैं। लेकिन ऐसा करने से बचना चाहिए। फ्लश चलने पर पानी के साथ बहुत छोटे-छोटे कण हवा में फैल सकते हैं। इनमें कुछ कीटाणु भी हो सकते हैं, जो आसपास रखी चीजों पर पहुंच सकते हैं। इसलिए फ्लश चलाने से पहले टॉयलेट का ढक्कन बंद कर दें। इससे हवा में फैलने वाले कणों को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, टॉयलेट की नियमित सफाई करें और इस्तेमाल के बाद हाथ जरूर धोएं।
2. टॉयलेट के पास न रखें टूथब्रश
अगर आप अपना टूथब्रश टॉयलेट के बिल्कुल पास रखते हैं, तो इसकी जगह बदल दें। फ्लश चलाने पर हवा में फैले छोटे कण आसपास रखी चीजों पर भी पहुंच सकते हैं। ऐसे में खुले में रखा टूथब्रश भी गंदा हो सकता है। इसलिए टूथब्रश को टॉयलेट से दूर किसी साफ और सूखी जगह पर रखें। इस्तेमाल के बाद इसे पानी से अच्छी तरह धोकर सूखने दें। अगर टूथब्रश का कवर इस्तेमाल करते हैं, तो ध्यान रखें कि उसमें हवा आने-जाने की जगह हो। गीले टूथब्रश को पूरी तरह बंद कवर में न रखें।
3. कई दिनों तक एक ही तौलिया इस्तेमाल न करें
नहाने या मुंह धोने के बाद हम सभी तौलिये का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसे समय पर धोना भी जरूरी है। गीले तौलिये में नमी बनी रहती है। इसके साथ ही उस पर पसीना, त्वचा की गंदगी और छोटे-छोटे डेड सेल्स भी जमा हो सकते हैं। ऐसी जगह पर बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं। इसलिए तौलिये को इस्तेमाल के बाद फैलाकर सुखाएं। इसे बाथरूम में गीला न छोड़ें और हर 2 से 3 दिन में धो लें। अगर तौलिये से बदबू आने लगे या वह जल्दी न सूखे, तो उसे पहले ही धो दें।
4. एक ही साबुन सभी के साथ शेयर न करें
कई घरों में सभी लोग नहाने के लिए एक ही साबुन इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अपनी साफ-सफाई के लिए अलग साबुन रखना बेहतर है। साबुन की गीली टिकिया पर गंदगी और कुछ बैक्टीरिया रह सकते हैं। खासकर अगर किसी को स्किन इंफेक्शन है, तो साबुन शेयर करने से बचना चाहिए। साबुन को ऐसी जगह रखें जहां पानी जमा न हो और वह इस्तेमाल के बाद सूख सके। इसके लिए ऐसा साबुनदानी इस्तेमाल करें, जिसमें से पानी आसानी से निकल जाए।
5. हाथ धोने में न करें जल्दबाजी
टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद सिर्फ पानी से हाथ धो लेना काफी नहीं है। हाथों की अच्छी सफाई के लिए साबुन और पानी दोनों का इस्तेमाल करें। हाथ धोते समय हथेलियों के साथ उंगलियों के बीच और नाखूनों के आसपास भी अच्छी तरह साफ करें। कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को साबुन से रगड़ें। इसके बाद साफ पानी से धोकर तौलिये या टिश्यू से सुखा लें। सिर्फ 5 सेकंड हाथ धोकर बाहर निकलने से हाथों की गंदगी पूरी तरह साफ नहीं होती। इसलिए इस काम में जल्दबाजी न करें।
6. नहाने के बाद लूफा गीला न छोड़ें
नहाते समय शरीर साफ करने के लिए कई लोग लूफा इस्तेमाल करते हैं। लेकिन नहाने के बाद इसे गीला छोड़ देना सही नहीं है। बाथरूम में नमी रहती है, जिससे गीले लूफा में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं। ऐसे लूफा को बार-बार इस्तेमाल करने से त्वचा में जलन या परेशानी हो सकती है। इसलिए लूफा इस्तेमाल करने के बाद इसे अच्छी तरह धोएं और ऐसी जगह लटकाएं जहां हवा आती हो। इसे बाथरूम के किसी गीले कोने में न छोड़ें। समय-समय पर लूफा बदलते भी रहें।
7. टॉयलेट में ज्यादा देर तक न बैठें
कुछ लोगों को टॉयलेट में बैठकर मोबाइल चलाने या वीडियो देखने की आदत होती है। इस चक्कर में वे जरूरत से ज्यादा देर तक बैठे रहते हैं। लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए ठीक नहीं है। लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठे रहने से मलद्वार के आसपास की नसों पर दबाव पड़ सकता है। इससे पाइल्स या बवासीर की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए टॉयलेट में मोबाइल लेकर न बैठें और काम पूरा होने के बाद उठ जाएं। कोशिश करें कि 5 से 10 मिनट से ज्यादा समय न लगाएं। मल त्याग करते समय बहुत जोर लगाने से भी बचें। अगर बार-बार कब्ज या बवासीर की परेशानी होती है, तो डॉक्टर से मिलें।
