केदारनाथ धाम में 13 साल बाद बर्फबारी के पुराने नजारे देखने को मिल रहे हैं। वर्ष 2013 की आपदा के बाद कपाट बंद होने तक धाम में बर्फबारी कम ही देखने को मिली थी। इस बीच रुद्रप्रयाग जनपद पुलिस ने केदारघाटी में बर्फबारी के बीच मन मोह देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। यह वीडियो बाबा केदारनाथ के रक्षक माने जाने वाले भुकुंट भैरवनाथ जी के मंदिर का है। वीडियो में पूरी केदारघाटी बर्फ की सफेद चादर में लिपटी नजर आ रही है।
बाबा भुकुंट भैरवनाथ जी के कपाट इस वर्ष 7 नवम्बर 2026 को शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं। इससे पहले उत्तराखंड के चारों धामों के शीतकालीन प्रवास के दौरान कपाट बंदी की तिथि भी घोषित हो गई थी। गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट 11 नवंबर को और बदरीनाथ के कपाट 16 नवंबर को बंद होंगे।
केदारनाथ में बर्फबारी जारी, कपाट बंद होने में अभी 9 दिन
इस बार कपाट बंद होने से पहले बर्फ गिरने से तीर्थपुरोहित और स्थानीय लोग उत्साहित हैं। समुद्रतल से 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम में शीतकालीन बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि कपाट बंद होने में अभी 9 दिन शेष हैं।
वरिष्ठ तीर्थपुरोहित एवं केदारसभा के पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि आपदा से पहले कपाट बंद होने के समय कई बार दो फीट तक बर्फ जम जाती थी। कभी-कभी रामबाड़ा तक बर्फ दिखाई देती थी।तीर्थपुरोहित उमेश पोस्ती ने अक्टूबर में बर्फबारी को शुभ संकेत बताया। केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि इस बार बर्फबारी ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। इससे आगे भी अच्छी बर्फबारी की उम्मीद जगी है।
निर्माण कार्यों के बाद धाम में बर्फबारी का क्रम बिगड़ा
केदारनाथ धाम में वर्ष 2012 में रिकार्ड बर्फ गिरी। यहां तक कि कपाट खुलने के दिन धाम में 12 फीट बर्फ मौजूद थी। वहीं वर्ष 2014 में भी केदारनाथ में काफी बर्फ गिरी। शीतकाल में इस तरह की बर्फबारी यात्रा सीजन शुरू होने में परेशानियां पैदा करता रहा। वर्ष 2022 में भी धाम में अच्छी बर्फबारी हुई किंतु इसके बाद धाम में पूरे शीतकाल में काफी कम बर्फ गिरती रही। सीजन में ऊंची पहाड़ियों तक बर्फबारी होती रही है किंतु धाम में बर्फबारी के इस तरह नजारे कम ही देखने को मिले हैं।
