चावड़ी बाजार हादसे में MCD की बड़ी लापरवाही? पहले ही मिल गई थी अवैध निर्माण की जानकारी

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में गुरुवार सुबह तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने करीब पांच महीने पहले ही इमारत में हो रहे अवैध निर्माण की जानकारी नगर निगम (MCD) को दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने यह बात बताई है। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। घटना गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में हुई।

5 महीने पहले पुलिस को मिली थी जानकारी

हिन्दुस्तान टाइम्स की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि पुलिस को शिकायतें मिली थीं। इसके बाद 15 जून को ही MCD को चावड़ी बाजार के 4547 गल्ज शीश महल स्थित इमारत में अवैध निर्माण की जानकारी दी गई थी। हालांकि, पुलिस को इस बात की जानकारी नहीं है कि निगम की ओर से इस पर कोई कार्रवाई की गई या नहीं।

सीएम के आदेश पर AE और JE सस्पेंड

इमारत गिरने की घटना के कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर MCD ने असिस्टेंट इंजीनियर (AE) मोहम्मद नईम और जूनियर इंजीनियर (JE) अमन दलाल को सस्पेंड कर दिया। मुख्यमंत्री ने हादसे की विस्तृत जांच कराने और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करने के भी आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने को भी कहा गया है। कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तीसरी मंजिल पर चल रहा था निर्माण कार्य

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत की तीसरी मंजिल पर लैंटर डालने का काम चल रहा था। उस समय मौके पर करीब सात से आठ मजदूर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सुबह करीब 9:30 बजे इमारत का हिस्सा ढह गया। एक अन्य अनुमान के मुताबिक, हादसे के समय वहां आठ से दस मजदूर मौजूद थे। घटना के बाद राहत और बचाव दल ने मलबे से लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। हादसे ने एक बार फिर राजधानी में अवैध निर्माण और इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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