जूट को ऊन में तबदील कर बनाएंगे हस्तशिल्प उत्पाद। एक माह तक चले प्रशिक्षण का सफल समापन।

ढालवाला स्थित भारतीय ग्रामोत्थान संस्था में एक माह से चल रहे जूट वूलनाईजेशन प्रशिक्षण का गुरुवार को समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प राज्यमंत्री श्री वीरेन्द्र सेमवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री वीरेन्द्र  जी सेमवाल ने प्रशिक्षण पूरा करने वाली 20 लाभार्थी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार करना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संस्था की अध्यक्षा श्रीमती गीता चंदोला ने बताया कि प्रशिक्षण से महिलाओं को जूट रेशे को ऊन में बदलने की प्रक्रिया सिखाई गई, जिससे वे हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद तैयार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि संस्था आगे भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखेगी।

संस्था के इंचार्ज श्री अनिल चंदोला ने मंत्री को बधाई दी और संस्था द्वारा प्राकृतिक रेशों के उपयोग तथा महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयासों की जानकारी दी।

जूट वूलनाईजेशन की इस प्रक्रिया में महिलाओं को बेसिक, एडवांस और डिजाइन तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण नेशनल जूट बोर्ड के मास्टर ट्रेनर स्वपन दत्ता और उद्ययन चौधरी द्वारा दिया गया।

कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्षा श्रीमती गीता चंदोला, इनचार्ज अनिल चंदोला, मास्टर ट्रेनर श्रीमती बीना पुंडीर, जनसंपर्क अधिकारी नरेन्द्र कुकशाल, डिजाइनर प्रेरणा रतूड़ी, रामसेवक रतूड़ी, प्रियंका भंडारी, मोनिका चौहान, आदि उपस्थित रहे।

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