ढालवाला। 9 सितंबर।
भारतीय ग्रामोथान संस्था में आज हिमालय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के स्टाफ ने “कमजोर हो रहे हिमालय के पर्वत” विषय पर चर्चा की और पर्वतीय क्षेत्रों में अंधाधुंध विकास से उत्पन्न संकटों पर चिंता जताई।
संस्था के प्रभारी श्री अनिल चंदोला ने कहा कि लगातार हो रहे अवैज्ञानिक विकास कार्यों से हिमालय के पहाड़ कमजोर हो रहे हैं, जिसका परिणाम है कि मानसून में आपदाएं आम हो गई हैं।
संस्था की अध्यक्षा श्रीमती गीता चंदोला ने हाल ही में उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि यदि विकास के नाम पर विनाशकारी गतिविधियां जारी रहीं तो हमारी संस्कृति और धरोहर खतरे में पड़ जाएगी।
जनसंपर्क अधिकारी श्री नरेंद्र कुकशल ने कहा कि पलायन और पर्यटन केंद्रित विकास ने पहाड़ों को मरुभूमि में बदलने की राह पर डाल दिया है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोग ही अपने पहाड़ों को प्रेम और सम्मान देना बंद कर देंगे तो भविष्य में यहां जीवन कठिन हो जाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्टाफ सदस्यों ने पहाड़ों को बचाने के लिए अपने सुझाव साझा किए और अंत में पहाड़ों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रतिज्ञा ली।
इस अवसर पर श्रीमती बीना पुंडीर, श्री रामसेवक रतूड़ी, श्रीमती विमला चौहान, रक्षा उपाध्याय, अंकित रावत, मोनिका चौहान, रजनी उनियाल, वेदप्रकाश तिवारी सहित संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
