अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को लेकर आखिर चीन ने चुप्पी तोड़ दी है। सोमवार को उसने इस बारे में बयान जारी किया। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर चीन ने लड़ाई रोकने की जरूरत पर जोर दिया। एक बयान में, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहाकि लड़ाई को और ज्यादा फैलने से रोकें। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहाकि सबसे जरूरी काम मिलिट्री ऑपरेशन को रोकना और लड़ाई को बढ़ने से रोकना है। उन्होंने बातचीत और निगोसिएशन के जरिए हल निकालने की अपील की। बता दें कि अभी तक चीन ने इस लड़ाई को लेकर चुप्पी साध रखी थी।
‘हमें जानकारी नहीं थी’
विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ताकत के इस्तेमाल की निंदा की। साथ ही कहाकि पक्ष तुरंत सैन्य कार्रवाई रोक दें। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसको अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के बारे पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। चीन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद जवाब में उसने पूरे मध्य पूर्व को निशाने पर ले लिया है।
गलत और तथ्य से परे
चीन ने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि वह ईरान को मिसाइल दे रहा था। चीनी मंत्रालय ने इन दावों को झूठा और तथ्यों से परे बताया। चीन ने इस बात की पुष्टि की है कि इस युद्ध में फिलहाल उसका एक नागरिक मारा गया है। साथ ही उसने यह भी बताया कि उसने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है और क्षेत्र को जल्द से जल्द खाली करने के लिए कहा है। माओ ने कहाकि विदेश मंत्रालय ने ईरान में चीनी दूतावास को संबंधित व्यक्ति और परिवार को सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। लेकिन उन्होंने पीड़ित या घटना के बारे में और विवरण नहीं दिया।
ईरान पर दी थी चेतावनी
बीजिंग ने पिछले ही हफ्ते अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा करने को लेकर चेतावनी जारी की थी। इस दौरान वहां के सुरक्षा हालात का हवाला दिया गया था। चीनी प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार को 3000 से ज्यादा चीनी नागरिकों को ईरान से बाहर निकाला गया है। गौरतलब है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गल्फ कंट्रीज में स्थित इजरायल और अमेरिकी बेस पर इतिहास की सबसे भयंकर कार्रवाई की बात कही है।

