चेहरे पर चिंता, आवाज में कंपकंपी, फांसी की सजा से पहले मुस्कान-साहिल ने जज से क्या कहा?

मार्च 2023 में हुए सौरभ हत्याकांड मामले में मेरठ की कोर्ट ने दोषी साहिल और उसकी गर्लफ्रेंड मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई है। सजा के ऐलान से पहले दोनों पक्षों के वकीलों में खूब बहस हुई। मुस्कान और साहिल को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान दोनों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थीं। साहिल की आवाज में कंपकंपी भी नजर आई। दोनों कम से कम सजा के लिए कोर्ट से गुहार लगा रहे थे। सजा के ऐलान से पहले कोर्ट ने मुस्कान और साहिल से जब पूछा कि उन्हें कुछ कहना है? इस पर दोनों का जवाब था कि कुछ नहीं कहना।

जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) के.के. चौबे ने बताया कि जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सजा पर सुनवाई के बाद दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। फैसले के समय सौरभ की मां रेनू, मौसी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी अदालत पहुंचे थे। चौबे ने बताया कि गत 30 सितंबर को सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले में दोषी करार दिये गये साहिल और मुस्कान जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अदालत के समक्ष पेश हुए, जिसके बाद सजा पर बहस और दोषियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए सुनवाई हुई।

दोनों ने कोर्ट से मांगी कम से कम सजा

उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दोनों से पूछा कि वे सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं। पहले तो दोनों ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। लेकिन लंच के बाद जब दोबारा से जज ने पूछा तो मुस्कान भावुक हो गई। उसने कहा, मेरी दो बेटियां हैं जो बहुत छोटी हैं, उनका ख्याल रखा जाए। मुझे कम से कम सजा दी जाए। इसके बाद जज ने मुस्कान के बॉयफ्रेंड साहिल से सवाल किया। जज का सवाल सुनते ही साहिल ने कंपकंपी आवाज से कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। दोनों दोषियों की बातों को सुनने के बाद जज ने फांसी का ऐलान कर दिया।

सजा का ऐलान होते ही फूट-फूट कर रोई मुस्कान

जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान और साहिल को अलग-अलग पेश किया गया और दोनों ने अपना पक्ष रखा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सुनवाई संक्षिप्त रही। उन्होंने बताया कि अदालत ने दोनों से विभिन्न बिंदुओं पर सवाल किए, जिनमें फॉरेंसिक रिपोर्ट से जुड़े सवाल भी शामिल थे। हालांकि, उन्होंने सवालों का विस्तृत ब्योरा साझा करने से इनकार किया। फैसले के समय सौरभ की मां रेनू, मौसी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य अदालत पहुंचे थे। जैसे ही कोर्ट ने दोनों को सजा सुनाई तो मुस्कान जेल के अंदर ही फूट-फूटकर रोने लगी।

क्या बोलीं सौरभ की मां रेनू

सजा सुनाए जाने से पहले रेनू ने संवाददाताओं से कहा कि उनके बेटे की हत्या के बाद उनके परिवार ने न्याय पाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया। उन्होंने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाये जाने की उम्मीद जताते हुए मामले में साथ देने वाले प्रशासन और अन्य लोगों का आभार जताया। मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की तबीयत अदालत का फैसला सुनाये जाने से दो दिन पहले से ही खासी बेचैनी भरी रही। वरिष्ठ जेल अधीक्षक शर्मा ने बताया कि सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान और साहिल परेशान तथा बेचैन नजर आ रहे थे और दोनों ने मंगलवार की रात और बुधवार सुबह बहुत कम खाना खाया और पिछले कुछ दिनों से वे ठीक से सो भी नहीं पा रहे थे।

क्या है पूरा मामला

तीन मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने अपने पति सौरभ को कथित तौर पर मादक पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया। वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए थे और पुलिस ने उन्हें 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और साक्ष्य पेश किए और करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया था।

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