ऋषिकेश नेचुरल फाइबर हैन्डीक्राफ्टस प्रोडयूसरी कंपनी के तत्वावधान में चल रही 25 दिवसीय डिजाइन और टेक्नीकल कार्यशाला का विशेष प्रसारण रेडियो ऋषिकेश 90.0 एफएम पर किया जा रहा है। ये कार्यशाला हस्तशिल्पियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
कार्यशाला में 30 स्थानीय हस्तशिल्पियों को उत्तराखण्ड के प्रमुख प्राकृतिक रेशे भीमल (शेल्यू) से हस्तशिल्प उत्पादों की डिजाइन, बुनाई, सिलाई और चोटी कला जैसे विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का नेतृत्व कार्यालय विकास आयुक्त हस्तशिल्प, भारत सरकार, नई दिल्ली से प्रसिद्ध डिजाइनर श्रीमती कृतिका शर्मा जी द्वारा किया जा रहा है।
कृतिका शर्मा जी ने बताया कि भीमल जैसे पारंपरिक रेशों के माध्यम से स्थानीय शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उनके अनुसार इस प्रशिक्षण से शिल्पकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जा रहा है।
रेडियो ऋषिकेश इस कार्यशाला का न केवल एफएम पर विशेष प्रसारण कर रहा है, बल्कि इसे यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर भी सक्रिय रूप से प्रमोट किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग उत्तराखण्ड की इस अनोखी कला से जुड़ सकें।
