वनभूमि सर्वे के विरोध में बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति ने सोमवार को एक बार फिर हुंकार भरी। समिति के बैनर तले हजारों लोगों ने आईडीपीएल मैदान से तहसील तक आक्रोश रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। समिति ने एसडीएम योगेश मेहरा के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भी भेजा। कहा कि वन विभाग की कार्रवाई से सीधे तौर पर 17 हजार परिवार और 80 हजार लोग प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे से ही बापूग्राम, शिवाजीनगर, मंसादेवी, सुमन विहार, बीसबीघा, मीरानगर समेत तमाम प्रभावित क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में आईडीपीएल मैदान में एकत्रित हुए। करीब एक घंटे बाद रैली मैदान से निकली, जो हरिद्वार मार्ग, कोयल घाटी, रेलवे मार्ग होते हुए तहसील पहुंची। रैली में हजारों की संख्या में लोगों के शामिल होने से शहर की सड़कें छोटी पड़ गईं। कई किलोमीटर लंबी रैली के चलते यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। पुलिस के रूट डायवर्ट करने के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। करीब दो घंटे बाद रैली तहसील पहुंची, लेकिन यहां जगह कम पड़ी गई। तहसील से नटराज चौक, जलसंस्थान ऑफिस और रेल विकास निगम तक जिसे जहां जगह मिली वहीं रुक गया। यहां तक की अधिवक्ताओं के चैंबर तक लोगों की भीड़ से अट गए। तहसील में समिति ने एसडीएम योगेश मेहरा के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा, जिसमें पीएम से प्रभावित क्षेत्र को राजस्व ग्राम घोषित करने की गुहार लगाई गई। बताया कि महात्मा गांधी की शिष्या मीरा बेन ने आजादी से पहले निर्धन लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिये यहां बसाया गया था। 26 मई 1950 को पशुलोक सेवा मंडल के नाम से समिति बनाकर तात्कालिक सरकार ने लीज पर भूमि लेकर नियोजित गांव और कृषि भूमि की व्यवस्था की थी। 2866 एकड़ भूमि पर वर्तमान में एम्स, पशुपालन विभाग, टिहरी विस्थापित, आईडीपीएल संस्थान, विद्युत विभाग भी है। करीब 578 एकड़ भूमि पर शिवाजीनगर, बीसबीघा, मीरानगर, बापूग्राम, सुमन विहार, नंदूफार्म, गीतानगर, मालवीयनगर, अमित ग्राम बसे है। जहां 17 हजार परिवार की लगभग 80 हजार आबादी रहती है। नगर निगम के 12 वार्डों में सरकार की सभी योजनाएं विद्यमान हैं। विश्व बैंक की मदद से करोड़ों रुपये की योजनाएं वर्तमान में चल रही हैं। समित ने प्रधानमंत्री से क्षेत्र का नियमितीकरण कर राजस्व ग्राम की क्षेणी में लाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सजवाण, महामंत्री राज कौशिक, जय सिंह रावत, सुभाष भट्ट, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, समिति संयोजक रमेश जुगलान, सह संयोजक रविंद्र सिंह राणा, पूर्व दर्जाधारी भगतराम कोठारी, पार्षद वीरेंद्र रमोला, राजेश कोठियाल, मुस्कान चौधरी, ज्योति सजवाण, रामकुमार कश्यप, रविन्द्र जुगरान, अभिनव मलिक, मेयर शंभू पासवान, पूर्व मेयर अनिता ममगाई, राजपाल खरोला, जयेन्द्र रमोला समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
