शिक्षा निदेशक पिटाई कांड: कर्मचारियों ने आर-पार की जंग छेड़ी, 25 से कामकाज ठप का ऐलान

देहरादून में बेसिक शिक्षा निदेशक के साथ हुई मारपीट के विरोध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। सोमवार से शिक्षा निदेशालय में तालाबंदी कर कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। इस हड़ताल के कारण शिक्षा विभाग का आधिकारिक कामकाज पूरी तरह ठप्प हो गया है, जिससे प्रदेशभर की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि, छात्रहित को देखते हुए बोर्ड परीक्षाओं में तैनात शिक्षकों को फिलहाल इस हड़ताल से मुक्त रखा गया है।

​मुख्यमंत्री से मुलाकात और एसओपी की मांग

​सोमवार सुबह मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारी संगठनों की कोर कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। कमेटी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और कर्मचारियों की कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन वापस नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन कर्मचारी संगठन अब ठोस आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

​मुख्य सचिव के साथ वार्ता पर टिकी नजरें

​आंदोलन की तपिश को देखते हुए शासन स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। आज शाम मुख्य सचिव ने कर्मचारी संगठनों को वार्ता के लिए बुलाया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में सुरक्षा प्रोटोकॉल और गिरफ्तारी की समयसीमा पर चर्चा हो सकती है।

​25 फरवरी से महा-आंदोलन की तैयारी

​कर्मचारी संगठनों ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। यदि आज की वार्ता विफल रहती है, तो 25 फरवरी से राज्य के सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उच्चाधिकारियों के साथ अभद्रता और हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि जब तक विभाग के मुखिया सुरक्षित नहीं हैं, तब तक अधीनस्थ कर्मचारी कैसे काम कर पाएंगे? हमारी मांग स्पष्ट है—दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए और भविष्य के लिए पुख्ता सुरक्षा नीति बने।

हिस्ट्रीशीटर कल्ली समेत चार आरोपी हिरासत में

इस हाई-प्रोफाइल मामले में दोनों तरफ से मुकदमे दर्ज हो गए हैं। एक तरफ से निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल ने विधायक उमेश काऊ और उनके अज्ञात साथियों पर केस दर्ज कराया। दूसरी ओर से रायपुर क्षेत्र के विधायक उमेश शर्मा काऊ के सुरक्षाकर्मी की ओर केस दर्ज हुआ है।

विधायक उमेश शर्मा काऊ शनिवार को रायपुर क्षेत्र में बने एक विद्यालय का नाम निशुल्क भूमि दान करने वाले दाताओं के नाम पर रखे जाने के मामले में निदेशालय पहुंचे थे। वह इस संबंध में शासन को भेजे गए पत्र की प्रगति जानने और उसकी प्रति मांगने गए थे। सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि हंगामा करने वाले लोगों ने एक दिन पहले भी भूमिदाताओं के साथ दुर्व्यवहार किया था। जिसके शनिवार को बड़ा बवाल हुआ।

एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मामले में विधायक पक्ष के खिलाफ दर्ज केस में कल्ली समेत चार आरोपी हिरासत में लिए और उनसे पूछताछ की गई। अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस अब निदेशालय के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाकी आरोपियों की पहचान करने और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जोड़ी गई धाराएं

विधायक पक्ष के खिलाफ दर्ज मुकदमे में रविवार को हल्की धाराएं लगाने के सवाल उठे। इस पर एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने स्थिति स्पष्ट की। बताया कि तहरीर के साथ निदेशक की ओर से दिए गए मेडिकल के आधार पर केस में धाराएं जोड़ी गई हैं। मामले में जिन धाराओं में केस दज है, उनमें आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का प्रावधान नहीं है।

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