भारतीय ग्रामोथान संस्था, ढालवाला ऋषिकेश के प्रांगण में आज चौदह दिवसीय जूट वूलाइजेशन एवं डिज़ाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 फरवरी से 16 फरवरी तक संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को जूट आधारित उत्पादों की डिज़ाइनिंग, तकनीकी प्रशिक्षण एवं स्वरोज़गार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

कार्यक्रम में भारतीय ग्रामोथान संस्था की अध्यक्षा श्रीमती गीता चंदोला उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था आगे भी महिलाओं के लिए इस प्रकार की रोजगारपरक ट्रेनिंग उपलब्ध कराती रहेगी, जिससे महिलाएं सीखकर स्वरोज़गार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर कोलकाता से आए वैज्ञानिक एवं मास्टर ट्रेनर श्री अमलचंद्र ढेका भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशिक्षण की शुरुआत करते हुए प्रतिभागियों को जूट वूलाइजेशन और डिज़ाइन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम में भारतीय ग्रामोथान संस्था के पीआरओ श्री एन.पी. कुकशाल भी उपस्थित रहे।
संस्था की ओर से बताया गया कि प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को जूट उत्पादों के निर्माण एवं डिज़ाइन की उन्नत जानकारी दी जाएगी, जिससे वे भविष्य में अपने स्तर पर उत्पादन कर रोजगार के नए अवसर विकसित कर सकेंगी।




