मार्च आमतौर पर गर्मी की दस्तक लेकर आता है, लेकिन इस बार उत्तराखंड में मौसम ने पूरी तरह बदला नजर आया। लगातार बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी ने पूरे महीने ठंड का एहसास बनाए रखा, जिससे तापमान लंबे समय तक सामान्य से नीचे रहा। नतीजतन प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि अब अप्रैल के लिए मौसम विभाग ने फिर से बदलाव के संकेत दिए हैं।
इस बार उत्तराखंड में मार्च उम्मीद से कहीं अधिक ठंडा बीता। बार-बार बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से इस साल प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूरे महीने में करीब 20 दिन तापमान सामान्य या उससे नीचे बना रहा। इससे लोगों को मार्च में भी ठंड का अहसास हुआ।
पहाड़ों में बारिश और तेज हवाओं के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि आने वाले दिनों में भी मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिलेगा। पांच अप्रैल तक प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान पहाड़ों में 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, मैदानी इलाकों में मौसम सामान्य बना रहेगा।
उत्तराखंड में चढ़ा पारा पहाड़ों में बारिश होगी
देहरादून। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में मंगलवार को चटख धूप खिलने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पंतनगर में पारा 34.4 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे मैदान में तपिश महसूस की गई। मुक्तेश्वर में भी तापमान 24.3 डिग्री दर्ज हुआ।
जिलावार जानिए- मार्च में कैसा रहा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक मार्च में उत्तराखंड में औसतन 58 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से 11 फीसदी ज्यादा है। जिलों की बात करें तो टिहरी 100 एमएम बारिश के साथ सबसे आगे रहा। ऊधमसिंह नगर में सबसे कम 12 एमएम बारिश हुई। राजधानी देहरादून की बात करें तो यहां 2024 जैसा हाल रहा। दो साल पहले जहां मार्च में 65 एमएम बारिश हुई थी वहीं इस बार 64.6 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई।

